भारत सरकार ने जमा किया 10 हजार रुपये जुर्माना
० हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश करने में हुई थी देर
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाई टेंशन टावर लाइन से करंट मामले में कमेटी की रिपोर्ट पेश करने में लगातार देरी पर भारत सरकार पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि रिपोर्ट दाखिल करने के लिए यह अंतिम अवसर है और इसके बाद समय नहीं दिया जाएगा। कमेटी ने 25 अक्टूबर 2024 को सुधारात्मक उपाय सुझाए थे, जिनसे संबंधित रिपोर्ट रिकॉर्ड पर पेश की जानी थी।
मामले की सुनवाई के दौरान भारत सरकार की ओर से बताया गया कि एक सितंबर 2026 के आदेश के पालन में 10 हजार रुपये की राशि हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में जमा कर दी गई है। इसकी रसीद और अनुपालन रिपोर्ट संबंधित पक्षों के वकीलों को उपलब्ध कराई गई है।
राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने बताया कि उन्हें अनुपालन रिपोर्ट की प्रति मिल गई है। उन्होंने रिपोर्ट का परीक्षण करने और इस संबंध में कोर्ट को जानकारी देने के लिए समय मांगा है। हाईकोर्ट ने मामले को 16 नवंबर 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि जुर्माने की राशि जमा करने की रसीद उसी दिन कवरिंग मेमो के साथ पेश की जाए।
इससे पहले कोर्ट ने भारत सरकार को कमेटी की रिपोर्ट पेश करने के लिए कई बार समय दिया था। 20 अगस्त 2024 के आदेश के बाद निरीक्षण रिपोर्ट पेश करने के लिए समय मांगा गया। इसके बाद नवंबर 2024, जनवरी 2025, मार्च 2025 और आगे भी समय दिया गया, लेकिन रिपोर्ट रिकॉर्ड पर पेश नहीं की गई।
बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद रिपोर्ट दाखिल नहीं होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। अंतिम अवसर देते हुए 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। कोर्ट ने निर्देश दिया था कि राशि जमा होने के बाद इसे दृष्टिबाधित बालक-बालिकाओं के लिए संचालित शासकीय विशेष विद्यालय, जशपुर को भेजा जाए,साथ ही भारत सरकार को अगली सुनवाई से पहले रिपोर्ट पेश करना सुनिश्चित करने को कहा गया था।
