जबरदस्ती ट्रक खींचकर ले गए कंपनी के बाउंसर0 चोलामंडलम और आरबीआई से जवाब तलब
बिलासपुर। कंपनी के बाउंसर फाइनेंस हुए ट्रक को बीच रास्ते में रोक कर ड्राइवर से जबरदस्ती चाबी छीनकर किस्त नहीं पटाने के नाम पर बोलकर वाहन को जबरदस्ती अवैध रूप से खींच कर ले गए। इस मामले में सुनवाई करते हुए जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकल पीठ ने चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है ।जिला बालोद के अंतर्गत गुंडरदेही के रहने वाले मोहम्मद अमान मंसूरी ने अपने अधिवक्ता अब्दुल वहाब खान के मार्फत छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में इस आशय की याचिका लगाई कि, उसने ट्रांसपोर्ट का काम कुछ दिनों पूर्व प्रारंभ किया है। उसने चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी प्राइवेट लिमिटेड से दिनांक 20 जुलाई 2024 को वाहन ट्रक क्रमांक–सीजी 08 बी बी 2201 को क्रय किया था जिसकी कुल कीमत 51 लाख 30000 थी। यह वाहन चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी द्वारा आवेदक को फाइनेंस कर उपलब्ध करवाई गई थी। आवेदक उक्त वाहन को खरीदने के फाइनेंस कंपनी को प्रतिमाह 112887 की किस्त पटा रहा था* इसीबीच अक्टूबर 2025 को वाहन रायगढ़ के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गया* पुलिस थाना कोतरा जिला रायगढ़ द्वारा अपराध भी दर्ज किया गया था और वाहन पुलिस थाना कोतरा ने उक्त अपराध में जब्त कर लिया था। बाद में लगभग 1 माह बाद में 25 अक्टूबर 2025को रायगढ़ के न्यायालय द्वारा आदेश.25 अक्टूबर 2025 के तहत सुपुर्दनामे में प्राप्त किया।
.डिफाल्टर नहीं था याचिकाकर्तागत
28 अक्टूबर 2025 को आवेदक ट्रांसपोर्ट हेतु सामान लोड करवा कर अपने ड्राइवर के माध्यम से रायगढ़ से रायपुर के लिए सामान भेजा तभी लगभग .9.30 बजे उक्त फाइनेंस कंपनी के बदमाश बाउंसरों ने वाहन को सारंगढ़ रायगढ़ मुख्य मार्ग पर रोक लिया और ड्राइवर से जबरदस्ती उक्त वाहन की चाबी छीन लीजबकि आवेदक को पूर्व में कंपनी ने कोई नोटिस नहीं भेजा। आवेदक किसी भी प्रकार से पूर्व में कोई डिफाल्टर नहीं रहा है। पुलिस थाना से छुड़ाने के बाद आवेदक फाइनेंस कंपनी के बचे किस्तों को भुगतान करने ही वाला था कि बिना बताए उसके ड्राइवर से बीच रास्ते में गाड़ी को जबरदस्ती लेकर चले गए जिसमें ट्रांसपोर्टिंग का सामान भी लदा था आवेदक, परिवार तथा उसका व्यापार अत्यधिक प्रभावित हो रहा हैआवेदक संबंधित थाने में शिकायत करने गया था किंतु पुलिस ने कोर्ट जाने की बात कह कर रिपोर्ट नहीं लिखी ।आवेदक ने अत्यधिक परेशान होने के कारण पुलिस अधीक्षक बालौद को रिपोर्ट भी की आवेदक को बाद में पता चला के आवेदक को बिना बताए उक्त वाहन को अत्यधिक कम कीमत पर फाइनेंस कंपनी के द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को भी बिक्री कर दिया गया है जबकि आवेदक ने आपत्ति भी पेश की थी, किंतु उसके बाद भी किसी अन्य को उक्त वाहन को बिक्री कर बिना याचिकाकर्ता को कोई सूचना दिए उसका नाम भी काट दिया गया* सुनवाई के बाद जस्टिस अमितेन्द किशोर प्रसाद ने चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी सहित रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है*
