हाई कोर्ट ने सीयू के कर्मचारियों को नियमित करने जिस लैटर की बात कर रहे हैं , उसे अदालत में पेश करने का आदेश दिया
बिलासपुर। घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के दैनिक वेतन भोगी कर्मियों के नियमितीकरण को लेकर हाईकोर्ट ने विवि प्रशासन से वह लैटर मंगाया है, जिसमें नियमितीकरण की प्रक्रिया बताई गई है। कुलपति के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए आज कोर्ट ने यह निर्देश दिया मई के आगामी सप्ताह में सुनवाई कि जाएगी इससे पूर्व गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पूर्व से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट से भी जीत मिल चुकी है हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर यूनिवर्सिटी की एसएलपी को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था । गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी में विजय कुमार गुप्ता सहित 98 अन्य दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे। सभी राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद से 10 साल या उससे अधिक समय से पदस्थ थे। उसी समय 22 अगस्त 2008 को राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने का आदेश जारी किया था । इसके तहत दस साल या उससे अधिक समय से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करना था। इस आदेश के परिपालन में उच्च शिक्षा संचालक ने भी 26 अगस्त 2008 को विभाग में कार्यरत ऐसे कर्मियों को स्ववित्तीय योजना के तहत नियमितीकरण और नियमित वेतनमान देने का आदेश दिया । मार्च 2009 तक इन्हें नियमित वेतन भी दिया गया। इसके बाद बिना किसी जानकारी या सूचना दिए यूनिवर्सिटी ने नियमित वेतन देना बंद कर दिया था। इसके साथ ही 10 फरवरी 2010 को तत्कालीन रजिस्ट्रार ने 22 सितंबर 2008 को जारी शासन के नियमितीकरण को भी निरस्त कर दिया। रजिस्ट्रार के इस आदेश को चुनौती देते हुए कर्मचारियों ने अधिवक्ता दीपाली पाण्डेय के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थीइसमें पहले सिंगल बेंच ने कर्मचारियों के पक्ष में उन्हें निमित करने का निर्णय दिया डीबी में विवि की अपील आने पर हाईकोर्ट डिवीजन बेंच ने भी वाही आदेश बरकरार रखा। विवि ने सुप्रीम कोर्ट में पहले एसएलपी और बाद में रिव्यू पिटीशन लगाई यह दोनों ही खारिज हो गई । शीर्ष कोर्ट ने कहा कि, हाईकोर्ट के आदेश पर हस्तक्षेप करने का कोई ठोस आधार नहीं है। इधर कर्मचारियों ने अदालत का आदेश नहीं मानने पर सीयू के कुलपति और कुल सचिव के खिलाफ अवमानना याचिका पेश की। पिछली बार हुई सुनवाई में विवि ने कवरिंग मेमो पेश कर कहा था कि नियमितीकरण की प्रक्रिया चल रही है। आज जस्टिस पीपी साहूं की बेंच में सुनवाई के दौरान विवि प्रशासन ने कहा कि, कमेटी बनाई जा रही है , जो नियमितीकरण को निर्धारित करेगी। यह बताया गया कि, वर्ष 2008 के आधार पर लैटर भी जारी किया जा चुका है। कोर्ट ने कहा कि, आप जिस लैटर की बात कर रहे हैं , उसे अदालत में पेश करें । इसके साथ ही अगली सुनवाई 4 मई से शुरू होने वाले सप्ताह में तय कर दी।
