नक्सली हमलें में घायल जवान की अनुसूचित जिले में नहीं कर सकते पदस्थापना

बिलासपुर। हाईकोर्ट ने नक्सली हमला में घायल हुए जवान को नक्सल प्रभावित अदवाड़ा के कैंप में नियम विरूद्ब पदस्थ किए जाने के खिलाफ पेश याचिका में कहा कि नक्सली हमला में घायल हुए जवान को अनुसूचित क्ष्ोत्र में पदस्थ नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) प्रशासन एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी), छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल को यह निर्देशित किया गया कि वे याचिकाकर्ता की मैदानी जिले में पदस्थापना हेतु प्रस्तुत अभ्यावेदन का तत्काल निराकरण करने का निर्देश दिया है। ग्राम एवं पोस्ट- नागरदा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ निवासी दिनेश ओगरे, दूसरी बटालियन, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, सकरी, जिला बिलासपुर में कांस्टेबल (आरक्षक) के के पद पर पुलिस विभाग में पदस्थ थे। वर्ष 2016 में पामेड़, जिला-बीजापुर में पदस्थापना के दौरान ना के दौरान नक्सली हमले में उनके सिर में गोली लगने के कारण वे गंभीर रूप से घायल हुये थे। इसके बावजूद भी पुलिस मुख्यालय, रायपुर द्बारा दिनेश ओगरे की पदस्थापना गंभीर नक्सली जिला अदवाड़ा कैंप, जिला बीजापुर किये जाने से क्षुब्ध होकर कांस्टेबल दिनेश ओगरे द्बारा हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं ऋषभदेव साहू के माध्यम से हाईकोर्ट बिलासपुर के समक्ष रिट याचिका दायर कर स्थानांतरण आदेश को चुनौती दी गई। अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं ऋषभदेव साहू द्बारा हाईकोर्ट के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), रायपुर द्बारा 18 मार्च 2021 इसके साथ ही दिनांक 03 सितम्बर 2016 को यह सर्कुलर जारी किया गया था कि नक्सली हमले में घायल जवानों से उनकी शारीरिक क्षमतानुसार ही ड्यूटी ली जावे घोर अनुसूचित जिलों में उनकी पदस्थापना न की जावे एवं समय-समय पर उनके स्वास्थ्य के संबंध में समुचित जानकारी प्राप्त कर उनका ईलाज कराया जावे। चूंकि याचिकाकर्ता वर्ष 2016 में पामेड़, जिला बीजापुर में पदस्थापना के दौरान एक नक्सली हमलें में सिर में गोली लग जाने के कारण गंभीर रूप से घायल हुआ था इसके साथ ही वर्ष 2018 में ड्यूटी के दौरान उसके बांये पैर में फ़ेक्चर हुआ था उक्त दोनों घटनाओं के कारण याचिकाकर्ता को अपना काम करने एवं चलने-फिरने में भी तकलीफ होती है। ऐसी स्थिति में भी पुलिस मुख्यालय, रायपुर द्बारा पूर्व में दिनांक 03 मार्च 2016 एवं 18 मार्च 2021 को पुलिस महानिदेशक द्बारा जारी सर्कुलर का घोर उल्लंघन करते हुए याचिकाकर्ता जो कि पूर्व में नक्सली हमलें में गंभीर रूप से घायल हो चुका है उसकी घोर नक्सली जिले अदवाड़ा कैंप, जिला बीजापुर पदस्थापना कर उपर्युक्त सर्कुलर का घोर उल्लंघन किया गया। उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्बारा उक्त रिट याचिका की सुनवाई के पश्चात याचिका को स्वीकार कर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) प्रशासन एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी), छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल को यह निर्देशित किया गया कि वे याचिकाकर्ता की मैदानी जिले में पदस्थापना हेतु प्रस्तुत अभ्यावेदन का तत्काल निराकरण करें।

kamlesh Sharma

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *