हाई कोर्ट ने जबलपुर ऋण वसूली अधिकरण में पीठासीन अधिकारी का पद रिक्त होने पर कहा न्यायिक मंच के निष्क्रिय होने का खामियाजा पक्षकार को नहीं भुगतना चाहिए

00 याचिकाकर्ता ईंट भट्ठा व्यवसायी को प्रयागराज स्थित ऋण वसूली अपीलीय अधिकरण जाने की अनुमति

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बैंक रिकवरी और संपत्ति कुर्की से जुड़े मामले में बेमेतरा के ईंट भट्ठा व्यवसायी को बड़ी राहत देते हुए प्रयागराज स्थित ऋण वसूली अपीलीय अधिकरण जाने की अनुमति दे दी है। जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की एकलपीठ ने माना कि,जबलपुर ऋण वसूली अधिकरण में पीठासीन अधिकारी का पद रिक्त होने से याचिकाकर्ता को अपूरणीय क्षति हो सकती है, इसलिए वैकल्पिक राहत उपलब्ध कराना आवश्यक है।

मामला बेमेतरा जिले के ग्राम चिल्पी स्थित ‘मेसर्स पवन ब्रिक्स’ के प्रोपराइटर मनीराम साहू द्वारा दायर रिट याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राहुल राय ने कोर्ट को बताया कि, बैंक ऑफ इंडिया की कार्रवाई के खिलाफ 9 मई 2026 को डीआरएटी जबलपुर में आवेदन दायर किया गया था, लेकिन वहां पीठासीन अधिकारी नहीं होने के कारण सुनवाई संभव नहीं हो पा रही है* इससे व्यवसाय और संपत्ति दोनों पर संकट उत्पन्न हो गया है। कोर्ट ने दलीलों को उचित मानते हुए कहा कि न्यायिक मंच के निष्क्रिय होने का खामियाजा पक्षकार को नहीं भुगतना चाहिए। हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता आदेश की प्रति के साथ डीआरएटी इलाहाबाद (प्रयागराज) में अपील या उचित आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। साथ ही ट्रिब्यूनल को मामले की गंभीरता देखते हुए त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

kamlesh Sharma

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