प्राचार्य पदोन्नति काउंसलिग मापदंड के खिलाफ याचिका
डीपीआई पर भेदभाव करने व दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप
बिलासपुर। टी संवर्ग के 1335 पदों पर प्रिंसिपल की पोस्टिंग होनी है, इसके लिए डीपीआई ने काउंसलिंग का आदेश जारी कर दिया है। काउंसलिंग के लिए डीपीआई द्वारा बनाए गए मापदंड को चुनौती देते हुए संजय बडेरा सहित 11 लेक्चरर्स ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिका दायर की है।
याचिकाकर्ता शिक्षकों ने पोस्टिंग के लिए समान मापदंड व नियम की मांग करते हुए सभी 1355 शिक्षकों को काउसंलिंग में बुलाने की मांग की है। डीपीआई पर भेदभाव करने व दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप याचिका में लगाया है।याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में लिखा है कि, काउंसलिंग के लिए समान मापदंड अपनाने की मांग की गई है। इसके बाद भी इसे नहीं माना जा रहा है।प्रिंसिपल पद के लिए टी संवर्ग के 1335 शिक्षकों के साथ दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। डीपीआई ऐसा कर भेदभाव कर रहा है,इससे पूरी प्रक्रिया दूषित हो जाएगी। एक ही पद पर पोस्टिंग के लिए दोहरा मापदंड क्यों अपनाया जा रहा है, यह समझ से परे है।
1335 का प्रमोशन
स्कूल शिक्षा विभाग में टी-संवर्ग के प्राचार्य पद पर 30 अप्रैल 2025 को 1335 व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी.,प्रधान पाठक का प्रमोशन किया गया है एवं छ.ग. स्कूल शिक्षा विभाग के प्राचार्य प्रमोशन पत्र के कंडिका 3 में स्पष्ट निर्देशित है कि, उपरोक्त समस्त 1335 पदों पर पदस्थापना कांउसिलिंग के माध्यम से की जायेगी। इसके लिए संचालक लोक शिक्षण को अधिकृत किया गया है। राज्य सरकार के निर्देश पर डीपीआई को कांउसिलिंग के पश्चात समस्त प्राचार्यों के पदस्थापना प्रस्ताव शासन को भेजना होगा, किन्तु लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 14 अगस्त 2025 को सूचना जारी की गई जिसमें केवल 845 पदों पर पदस्थापना हेतु कांउसलिंग किया जाना बताया गया है*वर्तमान में 1366 पद रिक्त है एवं 1335 पद हेतु प्रमोशन आदेश जारी किया गया है। इस स्थिति में 491 पदोन्नत प्राचार्यों की कांउसलिंग से पदस्थापना नहीं की जा रही है।
