11वें ब्रिक्स प्लस लीगल फोरम सम्मेलन
०० एडवोकेट विनय दुबे एवं आशीष शुक्ला ने छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया
बिलासपुर। 11वें ब्रिक्स प्लस लीगल फोरम सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि एडवोकेट विनय दुबे एवं आशीष शुक्ला ने सहभागिता की। दो दिवसीय सम्मेलन में भारत, चीन, रूस, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और नेपाल सहित 11 देशों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ अंतरराष्ट्रीय विधिक विद्बानों ने हिस्सा लिया।
सम्मेलन का मुख्य विषय ‘आर्थिक लचीलेपन, नवाचार और स्थिरता के लिए कानून के शासन के ढांचे और संस्थागत क्षमता निर्माण’ रहा। इसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश, अटॉर्नी जनरल, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रम नाथ तथा बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत कुमार सहित देश-विदेश की प्रमुख न्यायिक हस्तियां शामिल हुईं। सम्मेलन में राजनीतिक प्रतिबद्धताओं को ठोस कानूनी तंत्र में बदलने के उपायों पर चर्चा हुई। इसके साथ ही सीमा पार होने वाले वाणिज्यिक विवादों के प्रभावी निपटारे के लिए ‘ब्रिक्स आर्बिट्रेशन नेटवर्क’ की स्थापना को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
विधिक विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल गवर्नेंस के लिए एकीकृत कानूनी मानक तैयार करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की। तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग के बीच विभिन्न देशों के बीच विधिक समन्वय और साझा मानकों को महत्वपूर्ण बताया गया। सम्मेलन में जलवायु वित्तपोषण से जुड़ी कानूनी चुनौतियों पर भी विचार किया गया। वैश्विक आर्थिक व्यवस्था, विधिक सहयोग, संस्थागत क्षमता निर्माण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून के शासन को मजबूत करने के लिए विभिन्न देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
