यौन शोषण पीड़िता मानसिक दिव्यांग की आज ही ऐक्सपर्ट टीम द्वारा जांच कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश
०० गर्भपात की अनुमति दिए जाने याचिका
बलासपुर। हाईकोर्ट ने मानसिक रूप से दिव्यांग युवती के यौन शोषण से गर्भवती होने पर गर्भपात की अनुमति मांगने पेश याचिका में चीफ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर, कांकेर को 18 अप्रैल को एक्सपर्ट डॉक्टरों की एक टीम से याचिकाकर्ता की मेडिकल जांच के लिए सभी ज़रूरी इंतज़ाम करेंगे, जिनमें से एक गाइनेकोलॉजिस्ट होना चाहिए और एक्ट 1971 के सेक्शन 3(2) और उसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार इन बातों पर रिपोर्ट जमा करेंगे:- मरीज़ की शारीरिक और मानसिक हालत के बारे में जांच रिपोर्ट; प्रेग्नेंसी का स्टेज; प्रेग्नेंसी खत्म करना याचिकार्ता के लिए कितना नुकसानदायक होगा; क्या प्रेग्नेंसी जारी रखने से गर्भवती महिला की जान को खतरा होगा या उसकी शारीरिक या मानसिक सेहत को गंभीर नुकसान होगा, क्या इस बात का काफी खतरा है कि अगर बच्चा पैदा होता है, तो उसे कोई गंभीर शारीरिक या मानसिक असामान्यता होगी; बताई गई जांच पूरी होने के बाद, रिपोर्ट एडवोकेट जनरल के ऑफिस और इस हाई कोर्ट की रजिस्ट्री में 20 .4.2026 को जमा की जाए। इस केस को 21.04.2026 को लिस्ट करें। राज्य के वकील अगली सुनवाई की तारीख पर केस डायरी उपलब्ध कराएंगे। उन्हें इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया जाता है। छत्तीसगढ़ निवासी 28 वर्षीय युवती मानसिक दिव्यांग है। आरोपी द्बारा दैहिक शोषण किए जाने से वह गर्भवती हो गई। गर्भवती होने पर परिवार वालों को इसकी जानकारी हुई। मामले की थाना में एफआईआर कराई गई। 27 मार्च 2026 को डॉक्टर ने जांच उपरांत पीड़िता के 19 माह 4 दिन का गर्भ होने की रिपोर्ट दी। युवती की ओर से उसकी भाभी ने गर्भपात की अनुमति दिए जाने हाईकोर्ट में याचिका पेश की। याचिका में एफआईआर की प्रति एवं युवती का मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया है। सुनवाई उपरांत कोर्ट ने युवती को कल 18 अप्रैल को अस्पताल में उपस्थित होने एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी को टीम गठित कर जांच कर रिपोर्ट 20 अप्रैल को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। 21 अप्रैल को मामले में अगली सुनवाई होगी।
