‘धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026’ को ईसाई समुदाय के क्रिस्टोफर पॉल ने चेलेंज किया

  1. 00 हाई कोर्ट में याचिका पेश

बिलासपुर* छत्तीसगढ़ में ‘धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026’ के खिलाफ मसीही समाज के क्रिस्टोफर पॉल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है*यह विधेयक जबरन या प्रलोभन से धर्मांतरण पर 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक का सख्त प्रावधान करता है, जिसे ईसाइयों ने “संवैधानिक अधिकारों का हनन” बताया है* ईसाई समुदाय के प्रतिनिधि क्रिस्टोफर पॉल ने कानून के कड़े प्रावधानों (अवैध धर्मांतरण पर आजीवन कारावास) को असंवैधानिक बताते हुए चुनौती दी है*उनका कहना है कि यह कानून निजता और धर्म की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 25) के विरुद्ध है,जबकि सरकार के अनुसार इसका उद्देश्य बल, प्रलोभन या धोखाधड़ी से होने वाले धर्मांतरण को रोकना है, न कि किसी धर्म को निशाना बनाना है।

kamlesh Sharma

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