रायपुर बार एसोसिएशन चुनाव विवाद
00 जस्टिस चंद्रवंशी ने रोक 15 दिन बढ़ाते हुए स्टेट बार काउंसिल में रिप्रेजेंटेशन पेश करने का निर्देश दिया
बिलासपुर। रायपुर जिला बार एसोसिएशन के आगामी चुनाव विवाद के मामले की आज में सुनवाई करते हुए जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी की सिंगल बेंच ने यह रोक 15 दिन के लिए बढाते हुए एक अन्य याचिका को निराकृत कर दिया साथ ही याचिकाकर्ता को बायलाज के अनुसार स्टेट बार काउंसिल में अपना रिप्रेजेंटेशन पेश करने का निर्देश दिया है
रायपुर जिला कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही महिला वकील शमीम रहमान ने एडवोकेट हमीदा सिद्दिकी के जरिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई है, इसमें चुनाव प्रक्रिया की वैधानिकता को चुनौती दी गई । कहा गया कि चुनाव की अधिसूचना के अनुसार कुल 18 पदों में से 9 पद केवल पुरुष अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित कर दिए गए थे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के योगमाया विरुद्ध केंद्र सरकार के मामले में महिला अधिवक्ताओं के लिए 30% आरक्षण का निर्देश दिया था, जिसका पालन नहीं किया गया। वर्तमान व्यवस्था में महिलाओं के लिए केवल 5 पद आरक्षित थे। याचिकाकर्ता का आरोप है कि मुख्य चुनाव अधिकारी ने बिना अधिकार के सहायक चुनाव अधिकारियों और अपील समिति की नियुक्ति कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि अगर इसी व्यवस्था के तहत चुनाव कराए जाते हैं, तो यह महिला अधिवक्ताओं को उनके चुनावी हक से वंचित करने जैसा होगा* इसी तरह रायपुर के एडवोकेट अश्वनी राव ने भी अधिवक्ता लवकुश साहू और रजनी सोरेन के माध्यम से एक याचिका लगाईं थी*
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि, जब बायलॉज में पुरुषों के लिए आरक्षण का कोई प्रावधान ही नहीं है, तो 9 पदों को उनके लिए ब्लॉक करना गलत है* हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी थी। आज सोमवार को इन दोनों याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई करते हुए जस्टिस एन के चन्द्रवंशी ने इस रोक को 15 दिन बढ़ा दिया है । इसके साथ ही एडवोकेट राव की याचिका के बारे में निर्देशित किया कि, आप स्टेट बार काउंसिल में अभ्यावेदन पेश करें, बार काउंसिल को इस अभ्यावेदन पर 7 दिन में विधि अनुरूप कार्रर्वाई करने का निर्देश दिया है *साथ ही पिटीशन को डिस्पोज ऑफ किया है ।
