हाई कोर्ट ने मस्तूरी क्षेत्र में युवक की संदिग्ध हालात में लाश मिलने के मामले में एसएसपी से शपथपत्र में जवाब मांगा
बिलासपुर। पेड़ से लटकी हुई युवक की लाश मिलने के मामले में पेश पिटीशन पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने बिलासपुर जिले के पुलिस अधीक्षक से शपथपत्र पर जवाब माँगा है * अगली सुनवाई 11 मार्च को तय की गई है *बिलासपुर जिले में मस्तूरी ब्लाक के ग्राम सरसेनी निवासी युवक सूरज निषाद को गाँव के कुछ लोगों ने गत 30 जून 2025 को मारपीट दिया था* इसके ही अगले दिन 1.जुलाई 2025 को सरसेनी स्कूल ग्राउंड के पीछे बहुत ही संदिग्ध हालात में वह मृत मिला था, वह अपनी ही शर्ट से एक पेड़ से लटका हुआ था, हालांकि उसके पैर ज़मीन पर मुड़े हुए मिले थे और उसके शरीर पर चोट के कई निशान दिख रहे थे* पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि गर्दन पर लिगेचर मार्क मिला था, लेकिन पोस्टमॉर्टम में मौत का कारण सुसाइडल बताया गया * इसलिए दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 108 के तहत चार्जशीट जमा की गई है और एफआईआर भी उन्हीं धाराओं के तहत दो आरोपियों के खिलाफ दर्ज की गई है* सूरज निषाद के पिता (संतोष निषाद) की अधिवक्ता दीपाली गुप्ता ने चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की डीबी में कहा कि जांच एजेंसी ने मामले की ठीक से जांच नहीं की है और बीएनएस की धारा 108, 3(5) के तहत चार्जशीट फाइल की है, हालांकि यह बीएनएस की धारा 103(1) का मामला है और इस तरह, जांच से परेशान होकर, याचिकाकर्ता ने इस कोर्ट के सामने एक इंडिपेंडेंट एजेंसी से मामले की जांच करने की प्रार्थना की * राज्य के वकील ने इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय मांगा कोर्ट ने इसकी अनुमति दे दी* संबंधित पुलिस सुपरिटेंडेंट को इस मामले में अपना पर्सनल एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया गया * इस मामले को 11 मार्च, 2026 को फिर से निर्धारित किया गया है *आरोपियों का खौफबताया जाता है कि , सूरज की संदिग्ध मौत के मामले में शामिल बताए गये आरोपियों का गाँव में काफी ज्यादा खौफ है * इन लोगों ने इतना दबाव बनाया कि , गाँव वालों को मृतक सूरज का अंतिम संस्कार जल्दी जल्दी करना पड़ा * यह लोग नहीं चाहते थे कि, पुलिस को कोई जांच का अवसर मिल सके *
