पैरोल में छूटे 38 केदियो में 37 अब भी फरार है, हाई कोर्ट ने मामले को निगरानी में लिया
बिलासपुर। हाईकोर्ट में जेलों से पेरोल पर छोड़े गए बंदियों के मामले में डायरेक्ट जनरल जेल ने एक शपथपत्र पेश कर बताया है कि , 38 में से 37 कैदी फरार हैं ,एक को ही गिरफ्तार किया गया है । आज कोर्ट ने इसके बाद मामले को मानिटरिंग के लिए तय कर दिया है *प्रदेश के तमाम जेलों से पैरोल पर मुक्त किये गये बंदियों के मामले में हाईकोर्ट ने संज्ञान लाकर जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू की थी * चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में गत वर्ष हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पैरोल पर छोड़े गए कैदियों की वापसी नहीं होने के मामले में जेल डीजी से शपथ पत्र के साथ जवाब मांगा था.,जिसके बाद जेल डीजी ने हाईकोर्ट में जानकारी दी थी कि छत्तीसगढ़ में कुल पांच सेंट्रल जेल रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर और अंबिकापुर में हैं. इसके अलावा 12 जिला और 16 उपजेल हैं. केंद्रीय जेलों के अलावा इन जेलों के 83 कैदी पैरोल से नहीं लौटे थे.जिनमें से 10 को गिरफ्तार कर लिया गया और 3 की मृत्यु हो गई*.इसी मामले में चल रही सुनवाई में गत दस फरवरी 2026 को डीजी जेल ने एक शपथपत्र हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया है इसमें साफ़ बताया गया है कि , प्रदेश की जेलों में से 38 कैदी पेरोल पर बाहर हैं , जिनमें से 37 अब तक फरार हैं और सिर्फ एक को ही पकड़ा जा सका है * इसके बाद हाईकोर्ट ने यह मामला मानिटरिंग के लिए निर्धारित कर दिया है *अच्छे चाल-चलन वाले बंदियों को छोड़ा गयादरअसल कोरोना महामारी के दौरान फैलते संक्रमण को देखते हुए भीड़ कम करने के लिए जेल प्रशासन ने अच्छे चाल-चलन वाले बंदियों को पैरोल पर भेजा था. कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कई बार पैरोल की अवधि बढ़ाई गई थी. लेकिन महामारी का दौर बीत जाने के बाद भी कई बंदी वापस नहीं लौटे.*
