लॉकर से गहनों की पोटली गायब, बैक के मुख्य प्रबंधक को हाईकोर्ट से राहत
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने बैंक के लॉकर में रखे गहना गायब होने के मामले में जुर्म दर्ज होने पर मुख्य प्रबंधक की अग्रिम जमानत आवेदन को स्वीकार किया है। कोर्ट ने आवेदक को मामले की जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है।
भिलाई निवासी दरोगा सिंह ने बैंक ऑफ बड़ौदा के सिविक सेंटर स्थित शाखा में लॉकर लिया है। उसने नवंबर 2024 में बैंक प्रबंधन को लॉकर खराब होने की शिकायत की। इस पर बैंक प्रबंधन ने उन्हें उक्त लॉकर सुधरवाने तक अस्थाई लॉक उपलब्ध कराया। उसने अस्थाई लॉकर में अपना सामान रखा। जनवरी 2025 में गोदरेज कंपनी ने खराब लॉकर को सुधार दिया। इस पर बैंक ने अपने ग्राहक को उसका पुराना लॉकर सौंप दिया। इसके बाद ग्राहक ने अस्थाई लॉकर में रखे सामान अपने स्थायी लॉकर में शिफ्ट किया। 22 अप्रैल 2025 को दरोगा सिंह ने लॉकर में रखे दो पोटली गायब होने की शिकायत की। इसमें कहा गया कि दोनों पोटली में आभूषण था। उसने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। भिलाई पुलिस ने रिपोर्ट पर बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य प्रबंधक आभ्रा पोरवा रे सहित अन्य के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है। जुर्म दर्ज होने पर मुख्य प्रबंधक ने अधिवक्ता टीके झा के माध्यम से हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत आवेदन पेश की थी। हाईकोर्ट ने सुनवाई उपरांत मुख्य प्रबंधक को अग्रिम जमानत दिया है। कोर्ट ने आवेदक को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है।
