अधिकारी को रिश्वत देकर रेलवे में अरबों का ठेका पाने वाले ठेकेदार सुशील ने सीबीआई वकील के विरोध पर जमानत आवेदन वापस लिया
00 आवेदन में किडनी के गंभीर रोग से पीड़ित होने का हवाला दिया था
कोर्ट ने सीबीआई को मेडिकल रिपोर्ट को सत्यापित कर जानकारी मांगी थी
बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे निर्माण विभाग के अधिकारियों को लाखों रुपये रिश्वत देकर रेलवे में अरबों का ठेका प्राप्त करने वाले बिलासपुर के ठेकेदार सुशील झाझड़िया ने सीबीआई के विरोध के बाद अपनी जमानत आवेदन वापस लिया है।
आरोपी रेलवे ठेकेदार सुशील झाझरीया सहित रिश्वत लेने वाले दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे निर्माण विभाग के पूर्व अधिकारी सहित अन्य को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में ठेकेदार सुशील की ओर से हाईकोर्ट में जमानत आवेदन पेश किया गया था। सीबीआई के अधिवक्ता बी गोपा कुमार ने अपराध की गंभीरता एवं साक्ष्य को देखते हुए जमानत दिए जाने का विरोध किया। कोर्ट आवेदन खारिज करती इससे पहले याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने आवेदन वापस ले लिया है। इस पर कोर्ट ने आवेदन को निराकृत किया है।
ठेकेदार सुशील झाझरीया की और से अधिवक्ता ने उपचार के लिए अंतरिम जमानत दिए जाने की मांग की थी। आवेदन में कहा गया था कि आवेदक किडनी रोग से पीड़ित है तथा उसकी स्वास्थ्य स्थिति इतनी गंभीर है कि किडनी रोग के उपचार से उसके कई अंग काम करना बंद कर सकते हैं तथा किसी भी समय कोई अप्रिय घटना घट सकती है तथा जमानत आवेदन पर सुनवाई करने की अत्यधिक तत्परता दर्शाते हुए, जिसमें अंतरिम जमानत प्रदान करने की मांग की गई थी।
आवेदक के अधिवक्ता द्बारा प्रस्तुत किए गए तर्कों तथा आवेदक की बीमारी के संबंध में उनके द्बारा दर्शाई गई तत्परता के कारणों पर विचार करते हुए, जमानत आवेदन को उसी दिन सूचीबद्ध किया गया। सुनवाई उपरांत हाईकोर्ट ने केस डायरी पेश करने, आवेदक द्बारा गंभीर बीमारी के आधार पर अंतरिम जमानत आवेदन दायर किया गया है और आवेदक ने अपने उपरोक्त अंतरिम जमानत आवेदन के समर्थन में विभिन्न किडनी चिकित्सा दस्तावेज दायर किए हैं।
सीबीआई की ओर से उपस्थित वकील को वर्तमान आवेदक के चिकित्सा दस्तावेजों का सत्यापन करवाने और आवेदक की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और जेल अस्पताल या किसी अन्य अस्पताल में उसके उपचार के संबंध में विस्तृत चिकित्सा रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था। सीबीआई के वकील बी गोपा कुमार ने मांगी की रिपोर्ट पेश कर आवेदन का विरोध किया था।मामले में आज अंतिम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान आवेदक की ओर से आवेदन वापस लिया गया है।

