दूसरी शादी के मामले में  पुलिस अफसर को हाई कोर्ट से राहत

00 दूसरी पत्नी ने दो शादी करने की शिकायत की थी

बिलासपुर।दूसरी शादी के मामले में  पुलिस अफसर के खिलाफ 15 साल बाद शुरू हुई विभागीय कार्रवाई पर  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने  बड़ा फैसला सुनाया है। जस्टिस नरेश कुमार  चंद्रवंशी की सिंगल बेंच ने वर्ष 2023 में जारी चार्जशीट को रद्द करते हुए उससे जुड़ी पूरी विभागीय  कार्रवाई खत्म कर दी। कोर्ट ने कहा कि जब  विभाग को वर्ष 2008 में ही दूसरी शादी की  जानकारी हो गई थी, तो करीब 15 साल तक  कार्रवाई नहीं करने के बाद अचानक विभागीय कार्यवाही शुरू करना उचित  नहीं है।  मामला यह है कि पुलिस अधिकारी इरफान-उल-रहीम खान ने वर्ष 2007 में दूसरी शादी की थी। उन्होंने 2008 में ही  विभाग को इसकी जानकारी देते हुए दूसरी शादी की अनुमति के लिए  आवेदन किया था। इसके बावजूद लंबे समय तक विभाग की ओर से कोई विभागीय कार्रवाई  नहीं की गई। बाद में दूसरी पत्नी की ओर से 2017 और 2019 में शिकायतें किए जाने के बाद मामला फिर सामने आया और अंततः 14 फरवरी 2023 को अधिकारी को चार्जशीट जारी कर दी गई।अधिकारी ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि विभाग को शादी की जानकारी पहले से थी और  इतनी लंबी देरी के बाद कार्रवाई शुरू करना अनुचित है। वहीं राज्य सरकार ने दावा किया कि अनुमति के लिए दिया गया आवेदन वर्ष 2013 में ही खारिज  कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने इस दलील को मानने से इनकार कर  दिया, क्योंकि आवेदन खारिज किए जाने का  कोई आदेश या दस्तावेज रिकॉर्ड में पेश नहीं किया गया था। उल्टा 2019 की  विभागीय रिपोर्ट में आवेदन को विचाराधीन बताया गया था। कोर्ट ने कहा कि  विभागीय कार्रवाई के  लिए भले ही कोई तय  समय-सीमा न हो, लेकिन  कार्रवाई उचित समय में होनी चाहिए। करीब 15 साल की इस अस्पष्ट देरी से अधिकारी के बचाव का अधिकार भी प्रभावित हो सकता है।हाईकोर्ट ने इसे अनुचित मानते हुए चार्जशीट और उससे जुड़ी पूरी विभागीय कार्रवाई को रद्द कर दिया।

kamlesh Sharma

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *