• रतनपुर में ‘कालनेमी संतों’ की जांच की मांग तेज, धार्मिक नगरी की छवि पर उठे सवाल

रतनपुर/बिलासपुर। (पंडित रमेश शर्मा) धार्मिक एवं ऐतिहासिक नगरी रतनपुर में बाहरी क्षेत्रों से आए कुछ कथित साधु-संतों की गतिविधियों को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए श्री मंगलागौरी मंदिर धाम के दैवज्ञ पंडित रमेश शर्मा ने पुलिस प्रशासन से व्यापक जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में ऐसे कई लोग संत और महंत का वेश धारण कर धार्मिक स्थलों एवं मंदिरों में सक्रिय हैं, जिनकी वास्तविक पहचान, मूल निवास और पृष्ठभूमि का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।

पंडित रमेश शर्मा ने कहा कि रतनपुर मां महामाया की पावन नगरी है, जहां देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति साधु-संत का रूप धारण कर समाज और धर्म की मर्यादाओं के विपरीत गतिविधियों में संलिप्त है, तो इससे न केवल धार्मिक वातावरण प्रभावित होता है, बल्कि सनातन धर्म की छवि को भी नुकसान पहुंचता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कथित संत नशे की प्रवृत्तियों से जुड़े हुए हैं तथा शराब, गांजा, चरस, अफीम जैसे मादक पदार्थों के सेवन के आदी बताए जाते हैं। इसके अलावा कुछ लोगों पर मांसाहार और अन्य अनुचित गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन उन्होंने प्रशासन से इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

पंडित शर्मा के अनुसार रतनपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के कई मंदिरों में बाहरी राज्यों और जिलों से आए लोग स्वयं को महंत या संत बताकर वर्षों से निवास कर रहे हैं। इनमें से कुछ राजस्थान, गुजरात, उड़ीसा तथा छत्तीसगढ़ के अन्य दूरस्थ क्षेत्रों से होने का दावा करते हैं, लेकिन उनके संबंध में कोई प्रमाणिक दस्तावेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि मंदिरों में बैठकर कुछ लोग श्रद्धालुओं से चंदा और दक्षिणा की मांग करते हैं तथा कई बार दक्षिणा नहीं मिलने पर विवाद की स्थिति भी निर्मित होती है। ऐसे मामलों की भी जांच आवश्यक है ताकि वास्तविक संतों और कथित ढोंगियों के बीच अंतर स्पष्ट हो सके।

पुलिस प्रशासन से मांग करते हुए उन्होंने कहा कि रतनपुर क्षेत्र में निवासरत सभी साधु-संतों का आधार कार्ड, मूल निवास, पहचान पत्र तथा आपराधिक रिकॉर्ड का सत्यापन कराया जाए। साथ ही यह भी जांच हो कि उन्हें किसके संरक्षण में मंदिरों या अन्य धार्मिक स्थलों में स्थान मिला है और वे किस उद्देश्य से यहां निवास कर रहे हैं।

पंडित शर्मा ने रतनपुर के विश्व प्रसिद्ध मां महामाया मंदिर में वर्षों पूर्व हुई बड़ी चोरी की घटना का भी उल्लेख किया और कहा कि उस मामले में आज तक आरोपियों का पता नहीं चल सका है। ऐसे में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और वहां निवास करने वाले लोगों के सत्यापन की आवश्यकता और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि धार्मिक नगरी रतनपुर की गरिमा, सुरक्षा और सनातन परंपराओं की रक्षा के लिए व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाए, जिससे श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

— दैवज्ञ पंडित रमेश शर्मा, श्री मंगलागौरी मंदिर धाम, रतनपुर

kamlesh Sharma

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