• सीजे के निर्देश पर हाई कोर्ट में मामलों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई

बिलासपुर। गुरूवार को डिवीजन वेकेशन बेंच और दो सिंगल बेंचों में 20 से अधिक मामलों में वर्चुअल सुनवाई की गई वास्तव में संसाधनों के बेहतर उपयोग और न्यायिक कार्यों के सुचारु संचालन को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट प्रशासन ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान नई प्रशासनिक व्यवस्थाएं लागू कर दी हैं। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के मार्गदर्शन में जारी परिपत्र के अनुसार, अवकाश अवधि में मामलों की सुनवाई सामान्यतः वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जा सकेगी इसका उद्देश्य अनावश्यक आवागमन कम करना और संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना बताया गया हैपरिपत्र में हाईकोर्ट और जिला न्यायपालिका के कर्मचारियों को सप्ताह में अधिकतम दो दिन “वर्क फ्रॉम होम” सुविधा देने का भी प्रस्ताव रखा गया इसके लिए यह शर्त रखी गई कि कार्यालय में कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति बनी रहे ताकि कामकाज प्रभावित न हो। घर से कार्य करने वाले कर्मचारियों को फोन व अन्य आधिकारिक माध्यमों से उपलब्ध रहना होगा*आज बुधवार को हाईकोर्ट में एक वेकेशन डिवीजन बेंच और दो सिंगल बेंचों में सुनवाई निर्धारित की गई थी। जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू और जस्टिस संजय जायसवाल की वेकेशन डीबी में करीब दस मामलों में याचिकाकर्ताओं की ओर से वकीलों ने वर्चुअल तरीके से बहस की इसी तरह जस्टिस एन के व्यास और बाद में जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू की सिंगल बेंचों में भी सुनवाई की गई * इसमें भी अलग – अलग कुछ मामलों में अधिवक्ताओं ने ऑनलाइन रहकर अपने तर्क पेश किये।

kamlesh Sharma

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed