हाई कोर्ट ने कोरबा में आरक्षकों की पदोन्नति मामले में अंतिम आदेश पारित करने पर रोक लगाई
बिलासपुर। नियम के विपरीत पुलिस आरक्षकों की पदोन्नति करने के मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कोरबा जिले के सन्दर्भ में इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी है * अगली सुनवाई समर वेकेशन के बाद 15 जून से शुरू होने वाले सप्ताह में निर्धारित कर दी है *कोरबा जिले में करीब 85 कांस्टेबल पदोन्नति के पात्र घोषित किये गये हैं * इनमें विभाग ने उन लोगों को सबसे उपर स्थान दे दिया जो अन्य जिलों से स्थांतरण होने के कारण यहाँ आये हैं * इस प्रक्रिया में कोरबा में वर्षों से पदस्थ कांस्टेबलों को नीचे कर दिया गया या बाहर ही कर दिया गया। इसे इन लोगों ने एडवोकेट धीरज वानखेड़े के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी* याचिकाकर्ताओं के वकील ने बताया कि पदोन्नति की कार्यवाही शुरू कर दी गई है और अंतिम योग्यता सूची 1.जून.2026 को प्रकाशित की जानी है और यदि अंतरिम सुरक्षा प्रदान नहीं की जाती है, तो पदोन्नति की कार्यवाही समाप्त हो सकती है और रिट याचिका निष्प्रभावी हो सकती हैराज्य के वकील ने आपत्ति जताई कि पीएचक्यू द्वारा जारी स्पष्टीकरण पत्र को इस रिट याचिका में चुनौती नहीं दी गई है उन्होंने यह भी बताया कि उनके निर्देशों के अनुसार, कई याचिकाकर्ताओं को उपयुक्त सूची में रखा जा सकता है*जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू की वेकेशन बेंच ने छत्तीसगढ़ पुलिस कार्यकारी बल, कांस्टेबल (भर्ती, पदोन्नति और सेवा शर्तें) नियम, 2007 के तहत संशोधन के माध्यम से लाए गए वरिष्ठता प्रावधान को ध्यान में रखते हुए, यह निर्देश दिया कि अंतरिम उपाय के रूप में पदोन्नति की कार्यवाही जारी रखी रख सकते हैं मगर अगली सुनवाई की तारीख तक पदोन्नति का अंतिम आदेश पारित नहीं किया जाएगा* इस मामले को कोर्ट ने 15 जून, 2026 से शुरू होने वाले सप्ताह में सूचीबद्ध किया है ।
