कर्मचारियों की लगन और परिश्रम का परिणाम हैं, आवास – जस्टिस सिन्हा0 आवासीय परिसर, सेक्टर-3 में कर्मचारियों के नव-निर्मित मकानों का लोकार्पण

बिलासपुर। उच्च न्यायालय में कार्यरत न्यायिक कर्मचारियों के लिए बोदरी, बिलासपुर में नवीन निर्मित एच -टाईप के 32 एवं आई टाईप के 80 कुल 112 आवासगृहों का लोकार्पण न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने किया और आबंटित आवास की चाबी संबंधित कर्मचारीयों को प्रदान की गई। इस अवसर पर न्यायाधीश पार्थ प्रतीम साहू, न्यायाधीश नरेन्द्र कुमार व्यास, न्यायाधीश नरेश कुमार चंन्द्रवंशी, न्यायाधीश सचिन सिंह राजपूत, न्यायाधीश राकेश मोहन पाण्डेय, न्यायाधीश राधाकिशन अग्रवाल, न्यायाधीश संजय कुमार जायसवाल, न्यायाधीश रविन्द्र कुमार अग्रवाल, न्यायाधीश बिभू दत्ता गुरु एवं न्यायाधीश अमितेन्द्र किशोर प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य न्यायाधीश ने अपने प्रेरणादायक सम्बोधन में कहा कि यह आवास कर्मचारियों की लगन और परिश्रम का परिणाम है* यदि व्यक्ति निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करता है, तो उसे अवश्य ही सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि, सभी कर्मचारी अपने माता-पिता का सम्मान करते हुए अपने परिवार के साथ इन आवासों में सुख, समृद्धि एवं खुशहाली के साथ जीवन यापन करेंगे*उल्लेखनीय है कि मुख्य न्यायाधिपति ने पद भार ग्रहण करने के पश्चात सम्पूर्ण राज्य के दूरस्थ जिला मुख्यालय एवं बाह्य न्यायालयों का भ्रमण कर देखा कि न्यायिक अधोसंरचना एवं आवश्यक सुविधाओं का अभाव हैपक्षकारों, अधिवक्ताओं ,न्यायिक कर्मचारी एवं अधिकारियों को होने वाली असुविधा को देखते हुए भागीरथ प्रयास किये जा रहे हैं परिणामस्वरूप सम्पूर्ण राज्य में न्यायिक अधोसंरचना से अभूतपूर्व विकास कार्य हो रहा है। इसी क्रम में उच्च न्यायालय में कार्यरत कर्मचारियों हेतु आवासीय परिसर, सेक्टर-3, रहंगी रोड, बोदरी, बिलासपुर में नवीन निर्मित, कुल 112 आवासगृहों का लोकार्पण किया गया। बेडरूम, किचन, मल्टीपरपस रूम भीआवासगृह में भू-तल पर पार्किंग की सुविधा के साथ-साथ बेडरूम, किचन, मल्टीपरपस रूम, यूटिलिटी एवं प्रसाधन कक्ष बनाए गए हैं। इसके अलावा, सभी भवनों में लिफ्ट की सुविधा भी उपलब्ध है। कार्यक्रम में. उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल एवं रजिस्ट्री के अधिकारी, छत्तीसगढ़ न्यायिक एकेडमी एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी, न्यायालयीन कर्मचारी शामिल थे।

kamlesh Sharma

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