फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर अश्लील संदेश प्रसारित करने के आरोपी छात्रा प्रीति को जमानत मिली
00 तोरवा पुलिस ने IT एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था
बिलासपुर। दशंम एडिशनल जज आदित्य जोशी बिलासपुर ने फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर युवक को अश्लील संदेश भ्ोजने के आरोपी छात्रा को आरोप की प्रकृति, जांच के चरण, प्रकरण में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पहले ही जप्ती, पूर्व के आपराधिक रिकार्ड नहीं होने व आवेदक के महिला व छात्रा होने को ध्यान में रखते हुए नियमित जमानत प्रदान किया है।
उल्लेखनीय है कि तोरवा थाना में सुमित रात्रे ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर सोशल मीडिया में अश्लील एवं धमकीपूर्ण संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को क्षति पहुंचाई जा रही है। रिपोर्ट पर अपराध दर्ज कर प्रकरण की जांच प्रारंभ की गई। जांच के दौरान साइबर तकनीकी साक्ष्यों, सोशल मीडिया अकाउंट डिटेल्स तथा डिजिटल ट्रेल का विश्लेषण किया गया। विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि प्रार्थी के नाम से संचालित फर्जी इंस्टाग्राम आईडी का संचालन आरोपी प्रीति सूर्यवंशी द्बारा किया जा रहा था।
जांच में पाया गया कि आरोपी ने प्रार्थी के नाम का उपयोग करते हुए फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर अश्लील संदेश एवं अन्य आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की तथा उक्त गतिविधियों के माध्यम से प्रार्थी को बदनाम करने का प्रयास किया। जांच उपरांत पुलिस ने युवती को आईटी एक्ट के विभिन्न धारा के तहत गिरफ्तार कर सीजेएम कोर्ट में पेश किया। सीजेएम कोर्ट से जमानत आवेदन खारिज होने के बाद युवती की ओर से सत्र न्यायालय में जमानत आवेदन पेश किया गया। आवेदन पर दशम एडिशनल जज आदित्य जोशी की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने आरोप की प्रकृति, जांच के चरण, प्रकरण में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पहले ही जप्ती, पूर्व के आपराधिक रिकार्ड नहीं होने व आवेदक के महिला व छात्रा होने को ध्यान में रखते नियमित जमानत आवेदन को स्वीकार किया है। कोर्ट ने आवेदक छात्रा को अभियोजन साक्ष्य से छेड़छाड़ नहीं करने, किसी भी साक्ष्य को नहीं धमकाने, मुकदमे की कार्रवाई में सहयोग, मुकदमा के दौरान कोई और अपराध नहीं करने का शर्त लगाया है। आवेदक की ओर से बीना शोन्दे के लिए हाईकोर्ट के अधिवक्ता पुष्पेन्द्र कुमार पटेल ने तर्क प्रस्तुत किया।प्रार्थी की ओर से जमानत दिए जाने का विरोध भी किया गया था।
