जस्टिस तिवारी की न्याय के प्रति मानवीय समझ रही-चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा

सेवानिवृत्त पर दी गई भावभीनी विदाई

00 4 वर्ष के कार्यकाल में 10 हजार प्रकरण निराकृत किये जिसमें 141 मामले न्यायदृष्टांत हैं

बिलासपुर । छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में आज न्यायमूर्ति दीपक कुमार तिवारी के सेवानिवृत्ति के अवसर पर उनके सम्मान में विदाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि न्यायमूर्ति दीपक कुमार तिवारी दिनांक 10/01/2026 को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं एवं आज उच्च न्यायालय में सप्ताह का अंतिम कार्यदिवस होने से मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा के न्यायालय कक्ष में अपराह्न 03:30 बजे विदाई समारोह संपन्न हुआ।

इस अवसर पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में न्यायाधीश दीपक कुमार तिवारी के समग्र जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके विधिक ज्ञान, निष्पक्षता एवं प्रशासनिक दक्षता की सराहना एवं उनके योगदान की प्रशंसा करते हुए उनके भावी जीवन हेतु शुभकामनाएँ प्रेषित की। मुख्य न्यायाधीश ने अभिव्यक्त किया कि न्यायमूर्ति दीपक कुमार तिवारी अपने कार्यकाल के दौरान स्पष्टता, संतुलित दृष्टिकोण तथा विधि के शासन के प्रति सम्मान के लिए प्रसिद्ध रहे। अपने सम्पूर्ण न्यायिक जीवन में श्री तिवारी अपनी शालीन गरिमा, अनुशासनात्मक दृष्टिकोण एवं संस्था के प्रति गहरे सम्मान के लिए विख्यात रहे। उनके निर्णय केवल विधिक विवेचना तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उनमें न्याय की मानवीय समझ भी परिलक्षित होती रही। उनके निर्णयों ने व्यवस्था को सुदृढ़ किया तथा उनका आचरण

युवा न्यायिक अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत बना। अपने कार्यकाल में न्यायमूर्ति तिवारी ने विधि के विभिन्न क्षेत्रों में अनेक उल्लेखनीय निर्णय दिए। उन्होंने 10,000 से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया, जिनमें 141 ए.एफ.आर. निर्णय सम्मिलित हैं। ये आंकड़े मात्र संख्यात्मक उपलब्धियाँ नहीं हैं, बल्कि उनके न्यायिक दृष्टिकोण एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।न्यायमूर्ति श्री दीपक कुमार तिवारी ने अपने उद्बोधन में ईश्वर, न्यायाधीशगण, परिवार, न्यायिक अधिकारीगण, सहयोगियों, अधिवक्ताओं एवं न्यायालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपने कार्यकाल के अनुभव साझा किए।

यह उल्लेखनीय है कि न्यायाधीश दीपक कुमार तिवारी का जन्म 11 जनवरी, 1964 को जगदलपुर (छत्तीसगढ़) में हुआ। उन्होंने रायपुर से बी.कॉम., एल.एल.बी. एवं एल.एल.एम. की उपाधि प्राप्त की तथा वर्ष 1987 में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से संवैधानिक विधि में एल.एल.एम. करने वाले प्रथम छात्र रहे। वर्ष 1990 में उन्होंने व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-II के रूप में न्यायिक सेवा प्रारंभ की। जगदलपुर, सारंगढ़, जांजगीर एवं राजनांदगांव में विभिन्न न्यायिक पदों पर कार्य करते हुए उन्होंने राजनांदगांव एवं बालोद में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में सेवाएं प्रदान की तथा बालोद जिले के प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश रहे।

माननीय श्री न्यायाधीश दीपक कुमार तिवारी ने उच्च न्यायालय में रजिस्ट्रार जनरल सहित विभिन्न प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन किया। दिनांक 08 अक्टूबर, 2021 को वे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त हुए तथा 31 जुलाई, 2023 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण किया।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के समस्त माननीय न्यायाधीशगण न्यायाधीश दीपक कुमार तिवारी के परिवार के सदस्यगण, महाधिवक्ता, प्रशासक उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ, उप-सॉलिसिटर जनरल, वरिष्ठ अधिवक्तागण, अधिवक्तागण, प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी कार्य विभाग, रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री, न्यायिक अकादमी, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायिक अधिकारीगण, प्रशासन एवं पुलिस अधिकारीगण, उच्च न्यायालय के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

kamlesh Sharma

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