मेमू लोकल दुर्घटना ने मासूम से माँ-पिता का साया छीना
00 गम्भीर हालत में अपोलो भेजा गया
बिलासपुर। कोरबा मेमू लोकल में यात्रा कर रहे मासूम ऋषि यादव के सिर माता पिता दोनों का साया छीन गया। रेस्क्यू टीम ने गंभीर हालत में उसे रेलवे अस्पताल में भर्ती किया। उसकी स्थिति गंभीर होने पर देर रात अपोलो अस्पताल में भर्ती किया गया है।
मंगलवार की शाम को कोरबा मेमू लोकल दुर्घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके में गई। इंजन से लगा हुआ यात्री कैबिन जमीन से काफी ऊपर एक ओर झुका हुआ था। टीम किसी प्रकार सीढ़ी लगाकर टूटे हुए दरवाजा हटा कर अंदर गई। वहाँ मंजर देख उनकी रूह कांप गई। इसके बावजूद उन्होंने गिरे हुए लोगो को आवाज लगाना शुरू किया व जिनके जीवित होने की जनकारी हुई उन्हें पहले बाहर किया गया। इसके बाद मृतको को बाहर निकाला गया। सभी को बाहर लाने के बाद रेस्कयू टीम के सदस्यों की नजर कोच के कोने में पड़े मासूम बच्चे की ओर गई। तुरंत उसे कोच से निकाला गया व रेलवे अस्पताल भेजा गया। रात 9 तक बच्चे के माता पिता के सम्बंध में कोई जनकारी नहीं मिली थी। रेल अधिकारियों व कर्मचारियों ने बच्चे की पहचान करने सभी ग्रुप में फ़ोटो वायरल किया था।
00 ऐसे पहचान हुई मासूम की
देवरी खुर्द निवासी अर्जुन यादव ऑटो चालक अपनी पत्नी शीला यादव व डेढ़ वर्ष के बेटे ऋषि के साथ किसी काम से चाम्पा गया था। तीनों चाम्पा से कोरबा बिलासपुर मेमू लोकल से लौट रहे थे। अर्जुन ने फोन कर अपनी बहन को बताया था कि वे मेमू लोकल में चढ़ गए है। थोड़ी देर में बिलासपुर पहुँच जायेगे। अर्जुन की बहन को देर शाम रेल दुर्घटना होने की जानकारी मिली। इस पर उसने अपने भाई के दयालबंद निवासी साढू सुनील यादव को बताई कि उसके भाई भाभी कोरबा मेमू से लौट रहे थे। इसके बाद सुनील ने अर्जुन के मोबाइल में फोन किया। 50-60 बार घण्टी जाने के बाद अज्ञात व्यक्ति ने फोन उठाया व बताया कि उसे फोन गाड़ी में मिला व एक्सीडेंट हो गया है। सभी लोगो की मौत हो गई है। इसके बाद सुनील रेलवे अस्पताल पहुँच मासूम व उसके माता पिता की पहचान किया है।
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दुर्घटना के बाद मौत को लेकर सस्पेंस रहा
रेल दुर्घटना में हुई मौत को लेकर देर रात तक सस्पेंस रहा। पहले रेलवे ने चार मौत की जानकारी दी। दो घण्टे बाद संख्या 5 फिर 6 हुई। इसके बाद जिला प्रशासन ने 7 मौत की जानकारी दी है। इसके अलावा रेलवे के अनुसार घायलों की संख्या 6 है, वही प्रशासन ने 17 से अधिक लोगो के घायल होने की बात कही है।
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मालगाड़ी के ट्रेन मैनेजर ने देखा भयावह मंजर
मौत बनकर तेज गति से आ रही मेमू लोकल को देख मालगाड़ी के ट्रेन मैनेजर शैलेश चंद्रा के आँखों के सामने साक्षात यमराज नजर आया। उसने अपनी ओर से लाल झंडी लेकर नीचे उतरा व मेमू को रोकने का असफल प्रयास किया। देखते देखते उसके सामने ही भीषण हादसा हो गया। अगर वह गाड़ी से उतरता नही तो उसकी भी जान जा सकती थी। बताया जाता है कि लोको पायलट विद्या सागर की मौके में ही मौत हो गई है। सहायक लोको पायलट रश्मि राज गंभीर रूप से घायल है। उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती किया गया।
लोको पायलट विद्या सागर की मौके में ही मौत हो गई वही सहायक लोको पायलट रश्मि राज घायल है। उसे उपचार के लिए अपोलो में भर्ती किया गया है।
मालगाड़ी का गार्ड जान बचाकर भागा
बताया जा रहा है तेज रफ्तार से आ रहे मेमू लोकल को मालगाड़ी का गार्ड शैलेश चंद्रा ने देख लिया। इसके बाद वह गाड़ी से कूद कर दूर भाग गया जिससे उसकी जान बच गई है।
