– ईशान, सोम्या, नमिता सीजे के हाथों हुए पुरस्कृत
0 अपराध में प्रौद्योगिकी का प्रभाव” पर वाद-विवाद प्रतियोगिता
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की रजत जयंती वर्ष समारोह की श्रृंखला के अंतर्गत आज शनिवार को उच्च न्यायालय सभागार में जिला न्यायपालिका के न्यायिक अधिकारियों के लिए वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। अपराध में प्रौद्योगिकी का प्रभाव” विषय पर आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में राज्य भर के न्यायिक अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की*
यह कार्यक्रम जस्टिस रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। मुख्य न्यायाधिपति ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। प्रतियोगिता में ईशान व्यास ने प्रथम स्थान, सुश्री सौम्या राय ने द्वितीय स्थान तथा श्रीमती नमिता मिन्ज भास्कर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। शेष प्रतिभागियों को उन्होंने सहभागिता प्रमाण पत्र देकर उनके प्रयासों की सराहना की । सभा को संबोधित करते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने ने सभी प्रतिभागियों के विचारों की गहराई और प्रभावशाली प्रस्तुतियों की प्रशंसा की* उन्होंने इस बात पर बल दिया कि किस प्रकार प्रौद्योगिकी आज के समय में अपराध को अंजाम देने के साथ-साथ उसके नियंत्रण व जांच में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है* जस्टिस सिन्हा, ने युवा न्यायाधीशों एवं अधिवक्ताओं द्वारा वर्तमान समय के ज्वलंत विषयों पर प्रस्तुत किए गए प्रभावशाली, संतुलित एवं विचारोत्तेजक तर्कों की प्रशंसा की* उन्होंने प्रतिभागियों की चिंतनशीलता, विषय के प्रति उनकी गहन समझ तथा समकालीन विधिक चुनौतियों से गंभीरता और बौद्धिक प्रतिबद्धता के साथ संवाद स्थापित करने की सराहना की* यह प्रतियोगिता न केवल ज्ञानवर्धक विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम बनी, बल्कि यह न्यायिक अधिकारियों के व्यावसायिक विकास हेतु एक महत्वपूर्ण मंच भी सिद्ध हुई* यह आयोजन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की 25 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा और उसके सतत उत्कृष्टता व नवाचार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
