भूपेश बघेल की एसएलपी सुप्रीम कोर्ट से खारिज
० विजय बघेल की गवाही का रास्ता साफ
० हाईकोर्ट में 5 नवंबर को अगली सुनवाई
बिलासपुर। भाजपा सांसद विजय बघेल की ओर से दायर चुनाव याचिका की सुनवाई टालने और पहले प्रारंभिक मुद्दे के रूप में समय-सीमा पर निर्णय करने की मांग को लेकर भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इसे खारिज कर दिया, इससे छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चुनाव याचिका की नियमित सुनवाई और विजय बघेल की गवाही दर्ज करने का रास्ता साफ हो गया है।
दरअसल, भाजपा नेता विजय बघेल ने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में पाटन सीट से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की है। विजय बघेल का आरोप है कि, मतदान से 48 घंटे पहले लागू मौन अवधि के दौरान भूपेश बघेल ने क्षेत्र में रैली और रोड शो किया था। उन्होंने इसे जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन बताते हुए भूपेश बघेल का निर्वाचन निरस्त करने की मांग की है। चुनाव में भूपेश बघेल को 95,438 वोट मिले थे, जबकि विजय बघेल को 75,715 वोट प्राप्त हुए थे।
चुनाव याचिका की सुनवाई के दौरान भूपेश बघेल की ओर से लगातार यह आपत्ति उठाई जाती रही कि याचिका निर्धारित 45 दिनों की समय-सीमा के भीतर विधिवत प्रस्तुत नहीं की गई है* इसी आधार पर उन्होंने हाईकोर्ट से चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज करने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया और कहा कि समय-सीमा से जुड़ा प्रश्न साक्ष्यों के परीक्षण के बाद उचित स्तर पर तय किया जा सकता है* इसके बाद भूपेश बघेल ने हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को भी इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए समय-सीमा के मुद्दे पर हाईकोर्ट को उचित स्तर पर विचार करने की छूट दी थी। इसके बाद भूपेश बघेल ने हाईकोर्ट में एक और आवेदन प्रस्तुत कर लिमिटेशन के प्रश्न को पहले प्रारंभिक मुद्दे के रूप में तय करने की मांग की। हाईकोर्ट ने 13 अक्टूबर को इस आवेदन को खारिज कर दिया। इसके खिलाफ भूपेश बघेल ने फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
इधर, मंगलवार को हाईकोर्ट में चुनाव याचिका की सुनवाई के दौरान भूपेश बघेल के अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट में लंबित एसएलपी का हवाला देते हुए सुनवाई आगे बढ़ाने की मांग की* इसी एसएलपी के कारण मामले में आगे की कार्यवाही टालने का आग्रह किया गया था।इसी बीच सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी खारिज होने की खबर आ गई। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब इस मामले में सुनवाई जारी रखने को लेकर कोई बाधा नहीं रह गई है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 5 नवंबर की तारीख तय की है।
