हाईकोर्ट ने गोड़ा सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर लगाई रोक
00 एसडीएम की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम पंचायत गोड़ा की सरपंच श्रीमती उषा धीवर को बड़ी अंतरिम राहत दी है। अदालत ने उनके खिलाफ 30 अक्टूबर 2026 को होने वाले अविश्वास प्रस्ताव के सम्मेलन की प्रक्रिया पर आगामी सुनवाई तक रोक लगा दी है।
न्यायमूर्ति अमितेन्द्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने मामले में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) / एसडीएम पलारी द्वारा की गई गंभीर प्रक्रियात्मक त्रुटियों को रेखांकित करते हुए यह स्थगन आदेश पारित किया। पंचों के सत्यापन और दस्तावेज न देने पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी की। सरपंच उषा धीवर ने अधिवक्ता हेमंत गुप्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका (WPC No. 5458/2026) दायर की थी। कोर्ट के 28 अक्टूबर 2026 के निर्देश के पालन में एसडीएम (राजस्व) सह विहित प्राधिकारी, पलारी अविश्वास प्रस्ताव से जुड़े मूल रिकॉर्ड के साथ अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। रिकॉर्ड की जांच के बाद कोर्ट ने पाया:सत्यापन में खामी: संबंधित पंचों की पहचान याचिकाकर्ता द्वारा नहीं कराई गई थी और न ही इसका समुचित सत्यापन रिकॉर्ड में मौजूद था। अधिकारी के हस्ताक्षर गायब: एसडीएम का दावा था कि पंचों का सत्यापन किया जा चुका है, लेकिन सत्यापन पत्रक (verification sheet) पर स्वयं एसडीएम के हस्ताक्षर दर्ज नहीं थे। दस्तावेज उपलब्ध न कराना: याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि आदेश पत्रक की प्रमाणित प्रति (certified copy) पाने के लिए औपचारिक आवेदन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। एसडीएम को 3 दिन के भीतर हलफनामा पेश करने का आदेशएसडीएम की कार्यशैली पर गंभीर रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने उन्हें 3 कार्यदिवसों के भीतर व्यक्तिगत शपथपत्र (affidavit) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अधिकारी को यह स्पष्ट करना होगा कि याचिकाकर्ता को दस्तावेज क्यों नहीं दिए गए और पंचों के सत्यापन पत्रक पर उनके हस्ताक्षर क्यों नहीं थे। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में दर्ज किया:”चूंकि संबंधित एसडीएम (राजस्व) द्वारा स्पष्ट रूप से गलती की गई है, अतः 21 अक्टूबर 2026 के नोटिस के तहत 30 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही पर तत्काल रोक लगाई जाती है।” इसके साथ ही राज्य सरकार के शासकीय अधिवक्ता अखिलेश कुमार को अदालत में प्रस्तुत सभी दस्तावेजों की छायाप्रतियां जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर 2026 को तय की गई है।
