स्कूल शिक्षा विभाग के बहुचर्चित युक्तियुक्तकरण और पदोन्नति घोटाला, निलंबित लिपिक यादव को उच्च न्यायालय से कोई राहत नहीं मिली
00 याचिकाकर्ता ने मामला वापस लिया
बिलासपुर। बिलासपुर स्कूल शिक्षा विभाग के बहुचर्चित युक्तियुक्तकरण और पदोन्नति घोटाले में निलंबित लिपिक (जूनियर ऑडिटर) सुनील कुमार यादव को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से भी कोई राहत नहीं मिली है। मामले की गंभीरता और अदालत के कड़े रुख को देखते हुए याचिकाकर्ता को अपनी याचिका वापस (विथड्रा) लेनी पड़ी।
निलंबन के खिलाफ सुनील यादव द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई जस्टिस बीड़ी गुरू की सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पेश हुए, जबकि शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता (Addl. AG) यशवंत सिंह ठाकुर उपस्थित रहे।
सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता ने पूरे घोटाले और मामले की गंभीरता को अदालत के समक्ष रखा। न्यायमूर्ति बी. डी. गुरू ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता को सीधे हाईकोर्ट आने के बजाय संबंधित सेवा नियमों (CCA Rules के नियम 23) के तहत सक्षम विभागीय प्राधिकारी के समक्ष अपील करनी चाहिए, अन्यथा अदालत मेरिट के आधार पर निर्णय पारित करेगी। जज के रुख को भांपते हुए अधिवक्ता ने उचित फोरम में जाने की छूट मांगते हुए याचिका वापस ले ली। कोर्ट ने अनुमति देते हुए याचिका को खारिज (Dismissed as Withdrawn) कर दिया।बिलासपुर जिले में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण और पदोन्नति में बड़े पैमाने पर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं का खुलासा हुआ था।
जांच रिपोर्ट में खुली थी पोल: पूरे फर्जीवाड़े की जांच के लिए गठित त्रि-सदस्यीय जांच दल ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को सौंपी थी, जिसे लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) को भेजा गया था।
रिपोर्ट पर उच्च स्तर से महीनों तक ठोस कार्रवाई नहीं होने पर नए जिला शिक्षा अधिकारी संदीप पाण्डेय ने अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करते हुए न्यायालयीन शाखा के क्लर्क सुनील यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

kamlesh Sharma

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *