बिलाईगढ़ नपं अध्यक्ष को हटाने का आदेश बरकरार
0 हाईकोर्ट ने खारिज की दामोदर प्रसाद दुबे की याचिका
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलाईगढ़ नगर पंचायत के अध्यक्ष दामोदर प्रसाद दुबे को पद से हटाने और अगले कार्यकाल के लिए अयोग्य घोषित करने के राज्य सरकार के आदेश को बरकरार रखा है। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने उनकी रिट याचिका खारिज कर दी।
राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 41-ए के तहत 4 जुलाई 2026 को यह आदेश जारी किया था। मामला दुबे और उनकी पत्नी की जमीन की बिक्री में कथित अवैध प्लॉटिंग और आवश्यक अनुमति नहीं लेने की शिकायत से जुड़ा है। मामले की शुरुआत सुशासन तिहार 2025 के दौरान राजू शर्मा की शिकायत से हुई थी।*शिकायत में आरोप लगाया गया कि दामोदर दुबे और उनकी पत्नी ने कॉलोनाइजर संबंधी निर्धारित अनुमति के बिना अवैध प्लॉटिंग कर जमीन बेची* इस पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने 17 अप्रैल 2025 को दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया* याचिकाकर्ता ने आरोपों से इनकार करते हुए जवाब दिया कि जमीन उनकी पत्नी की थी और बिक्री पारिवारिक व आर्थिक जरूरतों के कारण की गई थी* उन्होंने यह भी बताया कि कुछ भूखंडों पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नगर पंचायत की अनुमति से मकान बनाए गए थे*
याचिकाकर्ता का कहना था कि जमीन की बिक्री वर्ष 2013 से 2024 के बीच उनकी पत्नी ने रजिस्टर्ड सेल डीड के जरिए की थी* ये सभी लेन-देन उनके अध्यक्ष निर्वाचित होने से पहले के हैं* उन्होंने जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए पर्याप्त अवसर नहीं दिए जाने का आरोप लगाया। शासन की ओर से जवाब पेश कर कहा गया कि अवैध प्लाटिंग के मामले में कार्रवाई करने प्रेसिडेंट इन काउंसिल में एजेंडा रखा गया। अध्यक्ष ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किया। अध्यक्ष पद का निर्वहन नहीं करने पर उक्त कार्रवाई की गई। शासन के जवाब पर हाईकोर्ट ने कहा कि धारा 41-ए के तहत राज्य सरकार जनहित और नगर परिषद के हित में अध्यक्ष के पद पर बने रहने तथा उसके आचरण पर विचार कर सकती है। यह कार्रवाई चुनाव की वैधता पर सवाल उठाने वाली धारा 20 की चुनाव याचिका से अलग है* कोर्ट को राज्य सरकार के आदेश में हस्तक्षेप का पर्याप्त आधार नहीं मिला।
हालांकि, मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा अधिनियम की धारा 339(सी) के तहत 24 अप्रैल 2026 को पारित आदेश को चुनौती देने के संबंध में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को कानून के अनुसार उपलब्ध अपीलीय उपाय अपनाने की स्वतंत्रता दी है* कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उस आदेश के खिलाफ सक्षम अपीलीय प्राधिकारी स्वतंत्र रूप से कानून के प्रावधानों के अनुसार निर्णय करेगा* इस तरह हाईकोर्ट ने दामोदर प्रसाद दुबे को अध्यक्ष पद से हटाने और अगले कार्यकाल के लिए अयोग्य घोषित करने के राज्य सरकार के आदेश को बरकरार रखा है*
