मुख्य न्यायाधीश ने महासमुंद न्यायालय की कार्यप्रणाली, लंबित प्रकरणों के निराकरण की स्थिति, न्यायिक अधोसंरचना की विस्तृत समीक्षा की
बिलासपुर। न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर ने जिला न्यायालय महासमुंद का भ्रमण कर न्यायालय परिसर, अलग-अलग अनुभागों नजारत अनुभाग, अभिलेखागार, ई-सेवा केन्द्र, क्लिनिक, किलकारी कक्ष, लॉईब्रेरी भवन, ए.डी आर भवन एवं न्यायिक अधोसंरचना का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न्यायालयों की आधारभूत सुविधाओं, न्यायिक कार्यप्रणाली, निर्माणाधीन कुटुम्ब न्यायालय भवन एवं प्रस्तावित न्यायालय भवनों की प्रगति तथा न्यायिक सेवाओं के प्रभावी संचालन हेतु उपलब्ध व्यवस्थाओं का व्यापक अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने न्यायालयों की कार्यप्रणाली, लंबित प्रकरणों के निराकरण की स्थिति, न्यायिक अधोसंरचना तथा पक्षकारों एवं आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी, उत्तरदायी एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न व्यवस्थाओं का सूक्ष्म परीक्षण करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।मुख्य न्यायाधीश ने न्यायालयों में पेपरलेस कार्यप्रणाली को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल देते हुए डिजिटाइजेशन सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकतम उपयोग के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया को सरल, त्वरित एवं पारदर्शी बनाने तथा नागरिकों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण न्यायिक सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने न्यायिक अधिकारियों, न्यायालयीन कर्मचारियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से संवाद करते हुए न्याय वितरण प्रणाली में दक्षता, पारदर्शिता एवं जनसुलभता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण के क्रम में मुख्य न्यायाधीश ने न्यायालय परिसर में पक्षकारों एवं अधिवक्ताओं के लिए उपलब्ध बैठक व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी अवलोकन किया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, ज्वाइंट रजिस्ट्रार-कम-प्रिंसिपल प्राइवेट सेक्रेटरी, प्रोटोकॉल अधिकारी, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, महासमुंद, जिले के समस्त न्यायिक अधिकारीगण, जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी एवं अधिवक्तागण, जिला कलेक्टर, लोक निर्माण विभाग एवं पुलिस अधीक्षक तथा न्यायालयीन कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
