कार में बैठकर लगाते थे आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा

0 सट्टेबाजी सिंडिकेट मामले में सात की जमानत खारिज

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर में संचालित ऑनलाइन आईपीएल क्रिकेट सट्टेबाजी सिंडिकेट से जुड़े सात आरोपियों की नियमित जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। कोर्ट ने कहा कि,प्रथम दृष्टया मामला एक सुनियोजित और संगठित नेटवर्क का प्रतीत होता है, जिसका विस्तार छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र और गोवा तक फैला हुआ था तथा इसके जरिए बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन किए जा रहे थे। मामले की सुनवाई जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ में हुई। अभियोजन के अनुसार 13 अप्रैल 2026 को गंज थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि नागोराव गली अंडरब्रिज के पास खड़ी एक होंडा सिटी कार में बैठकर आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगाया जा रहा है। पुलिस ने छापा मारकर मंदीप सिंह को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन और 95 हजार रुपये नकद बरामद किए गएपूछताछ में मंदीप ने बताया कि वह “3 वह “3 स्टंप्स” नामक एप के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी करता था और इस नेटवर्क का संचालन बाबू उर्फ गुलशन खेमानी करता थाउसने कमलेश देवांगन सहित कई अन्य लोगों के नाम और उनकी भूमिकाओं का खुलासा करते हुए बताया कि पुणे, मुंबई और गोवा से ऑनलाइन बेटिंग पैनल संचालित किए जा रहे थे। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन से इलेक्ट्रॉनिक डेटा, कॉल डिटेल और बैंक लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड एकत्र किए। जांच एजेंसी का दावा है कि, इन साक्ष्यों से कई आरोपियों के बीच लगातार संपर्क और सट्टेबाजी से जुड़े वित्तीय लेन-देन की पुष्टि होती हैबाबू खेमानी के मेमोरेंडम बयान में भी विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से नकदी के संचालन और सिंडिकेट के कामकाज का उल्लेख किया गया है मामले में अभी जांच जारी है और चालान प्रस्तुत नहीं किया गया हैहाईकोर्ट ने कहा कि जब्त मोबाइल फोन, चेकबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से प्रथम दृष्टया यह संकेत मिलता है कि,आरोपी एक संगठित ऑनलाइन जुआ सिंडिकेट का हिस्सा थे कोर्ट ने माना कि, इस प्रकार की गतिविधियों का वित्तीय एवं आर्थिक व्यवस्था पर व्यापक प्रभाव होता है, आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकताकोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि इसी मामले में सह-आरोपी रोहित सिंह ,विशाल कश्यप की जमानत याचिकाएं 11 मई को खारिज की जा चुकी हैंसबकी नियमित जमानत निरस्तइन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने फतेह सिंह यादव, तुलसीदास नामदेव उर्फ प्रिंस, शत्रुघ्न कुमार कोमरे, शुभम सीतलानी, संदीप इसरानी, मसनून राजा तथा सनी देवांगन की नियमित जमानत याचिकाएं निरस्त कर दीं। सभी आरोपी रायपुर के गंज थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 110/2026 में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 112(2) के तहत गिरफ्तार किए गए हैं।

kamlesh Sharma

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