सिर्फ़ एक्शन प्लान बनाना काफ़ी नहीं, जब तक लोगों को ठोस नतीजे न मिलें
00 बारिश में बिजली आपूर्ति ठप होने पर जनहित याचिका पर सुनवाई
बिलासपुर। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा एवं जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डीबी ने जरा सी बरसात में बिलासपुर शहर की बिजली सप्लाई ध्वस्त होने के मामले में स्वयं संज्ञान लिया है।सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि बिजली सप्लाई में किसी तरह की रुकावट या पानी भरने की शिकायत होने पर, तुरंत सुधार के उपाय किए जाएंगे ताकि बिना किसी देर के शिकायत का समाधान हो सके। मॉनिटरिग के लिए अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी।
कोर्ट ने कहा कि, इस मामले में बिजली विभाग एवं नगर निगम की ओर से जवाब पेश किए जाने के बाद अब अधिकारियों को यह पक्का करना होगा कि मौजूदा मानसून सीजन के दौरान, म्युनिसिपल लिमिट के अंदर पब्लिक सड़कों, गलियों और दूसरे इलाकों में ऐसा पानी जमा न हो, बारिश के पानी के फ्री फ्लो के लिए ड्रेनेज सिस्टम की ठीक से सफाई और मेंटेनेंस हो, और जहां तक हो सके बिना रुकावट बिजली सप्लाई बनी रहे।गौरतलब है कि पिछले दिनों बारिश होने से आधे शहर की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी* घंटों बाद सुधार किया जा सका ।कई इलाकों में रात भर बिजली सप्लाई बाधित रही। हाईकोर्ट ने इस संबंध में प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए बिजली विभाग एवं नगर निगम आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था*शिकायतें जल्दी दूर करने बन रहा सिस्टमइस नोटिस पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने बिजली डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को मजबूत करने और खराब मौसम में बिजली सप्लाई को तुरंत बहाल करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी* बताया गया कि, खराब सीमेंट के खंभों को लोहे के खंभों से बदलने, इमरजेंसी इक्विपमेंट और मैनपावर बढ़ाने, दो नए सप्लाई ज़ोन बनाने, कमजोर कंडक्टरों को बदलने के लिए फंड मंजूर करने, और सबस्टेशन बनाने, और मेंटेनेंस के लिए और लोगों को रखने, और कंज्यूमर की शिकायतों को जल्दी दूर करने के लिए एक सिस्टम बनाने के अलावा, बिना रुकावट बिजली सप्लाई के लिए बेहतर इंटर-डिपार्टमेंटल कोऑर्डिनेशन पक्का करने के लिए कदम उठाए गए हैं*बहुत कुछ किया जाना बाकीविभाग के जवाब पर हाईकोर्ट ने कहा कि संबंधित अधिकारियों द्बारा प्रस्तावित और शुरू किए गए उपायों को बताते हुए एफिडेविट फाइल किए जाने के बावजूद, इस कोर्ट का मानना है कि, प्रस्तावित उपायों को ज़मीनी स्तर पर असरदार तरीके से लागू करने के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है* सिर्फ़ एक्शन प्लान बनाना तब तक काफ़ी नहीं होगा जब तक कि, वे बिलासपुर के निवासियों के फ़ायदे के लिए ठोस नतीजे न दें* इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार के एनर्जी डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी, सीएसपीडीसीएल के मैनेजिग डायरेक्टर और बिलासपुर नगर निगम कमिश्नर को निर्देश दिया जाता है कि वे अपने-अपने एफिडेविट में बताए गए फैसलों को लागू करने पर खुद नज़र रखें और इस कोर्ट के पहले के निर्देशों के मुताबिक हुई प्रोग्रेस और उठाए गए ठोस कदमों को बताते हुए नए एफिडेविट फाइल करें* बिजली सप्लाई में किसी भी तरह की रुकावट या पानी भरने की शिकायत होने पर, तुरंत सुधार के उपाय किए जाएंगे ताकि बिना किसी देरी के शिकायत का समाधान हो सके।
