भूमि के मालिकाना हक़ के लिए कोटवारों की याचिका
00 हाईकोर्ट में तीन जजों की फुल बेंच में सुनवाई पूरी
0 बेंच ने फैसला सुरक्षित किया
बिलासपुर। ग्राम कोटवारों की ओर से मालगुजारी जमीन पर मालिकाना हक़ मांगे जाने के मामले में हाईकोर्ट में तीन जजों की फुल बेंच ने सुनवाई की। चीफ जस्टिस की प्रमुखता वाली इस बेंच ने फिलहाल अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
याचिकाकर्ता गजेन्द्र दास व अन्य की ओर से हाईकोर्ट में याचिका पेश की गई थी।इन दो याचिकाओं में ग्राम कोटवारों ने खुद को मिली हुई मालगुजारी जमीन पर भू स्वामी की तरह अधिकार दिए जाने का अनुरोध शासन से किया है। इनक कहना है कि, वर्षों से चली आ रही परम्परा में उन्हें जमीन का मालिकाना हक़ दिया जाता रहा है इसका विरोध करते हुए विद्याधर दास और अन्य ने हस्तक्षेप आवेदन पेश किये इस मामले में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा समेत जस्टिस विभुदत्त गुरु और जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की फुल बेंच (संवैधानिक पीठ) ने सुनवाई की। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अंकित पांडे उपस्थित हुए। राज्य व प्रतिवादियों की ओर से महाधिवक्ता विवेक शर्मा और हस्तक्षेपकर्ता छत्तीसगढ़ कोटवार एसोसिएशन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता किशोर भादुरी, ईशान भादुरी ,अनिरुद्ध श्रीवास्तव थे। हस्तक्षेपकर्ता विद्याधर दास और अन्य की ओर से अधिवक्ता विजय के. देशमुख हाजिर रहे। फुल बेंच ने उचित विचार-विमर्श के बाद, संबंधित हस्तक्षेपकर्ताओं द्वारा दायर हस्तक्षेप आवेदनों को अस्वीकार कर दिया। क्योंकि यह ज्ञात हुआ कि हस्तक्षेपकर्ता वे व्यक्ति हैं जो अपनी-अपनी याचिकाओं में एकल न्यायाधीश के समक्ष अपने उपचारों का पालन कर रहे हैं और इस मामले को इस पीठ के समक्ष केवल विद्वान एकल न्यायाधीश द्वारा किए गए संदर्भ का उत्तर देने के लिए सूचीबद्ध किया गया हैइसके साथ ही कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
