बंदी नाबालिग भाई-बहन को हाई कोर्ट में आज 2.15 बजे तक पेश करने का आदेश

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बिलासपुर। एक हैबियस कॉर्पस याचिका की सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दो नाबालिग भाई-बहन (12 वर्षीय बालिका एवं 9 वर्षीय बालक) को कल 30 जून को दोपहर 2:15 बजे न्यायालय के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि, दोनों बच्चों को संबंधित जिला मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में पेश किया जाए। यदि किसी अपरिहार्य कारणवश जिला मजिस्ट्रेट उपस्थित नहीं हो सकें, तो उनकी ओर से संबंधित एसडीएम बच्चों को न्यायालय में प्रस्तुत करेंगे। सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से बताया गया कि, दोनों बच्चे वर्तमान में चाइल्ड केयर संस्थानों में रह रहे हैं। बालक चाइल्ड वेलफेयर सेंटर, बैकुंठपुर (जिला कोरिया) तथा बालिका बालिका गृह, अंबिकापुर (जिला सरगुजा) में है। दोनों बच्चों को पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, लेकिन संबंधित जिला मजिस्ट्रेट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से नहीं जुड़ सके। मामले की परिस्थितियों को देखते हुए की चीफ जस्टिस की डीबी ने दोनों बच्चों की काउंसलिंग आवश्यक मानते हुए उन्हें व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया। न्यायालय ने निर्देश दिया कि यात्रा के दौरान बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित डिप्टी पुलिस अधीक्षक तथा चाइल्ड केयर संस्थान के सक्षम अधिकारी साथ रहेंगे। हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को आदेश के अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

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उल्लेखनीय है कि बच्चों की सौतेली बहन ने बन्दी प्रत्यक्षीकरण याचिका पेश कर कहा है कि उसकी सौतेली बहन व भाई को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है। सुनवाई के दौरान यह बात कोर्ट के समक्ष एक बच्चे ने कहा कि उसके साथ याचिकाकर्ता के पति ने दुष्कर्म किया और वे अभी बाल गृह में सुरक्षित है। इस पर याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि उसने स्वयं आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके बाद चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल ने बच्चों के काउंसलिंग के लिये कल उपस्थित करने का निर्देश दिया है। आदेश की प्रति सीएस व डीजीपी को भी भेजा गया है।

kamlesh Sharma

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