एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट से लेकर पेंशन देने की मांग0 स्टेट बार काउंसिल की मुख्यमंत्री से मुलाक़ात0 साय ने दिया जल्द लागू करने का आश्वासन

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद (स्टेट बार काउंसिल ऑफ छत्तीसगढ़) के प्रतिनिधिमंडल ने परिषद के अध्यक्ष रविन्द्र कुमार पराशर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर प्रदेश के लगभग 36 हजार अधिवक्ताओं के हितों से जुड़ी 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा*मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हुई बैठक में अधिवक्ताओं के सामाजिक सुरक्षा, कल्याण और पेशागत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई* प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, लेकिन उनके कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए अभी भी कई आवश्यक योजनाओं और सुविधाओं का अभाव है। इस संबंध में बार काउंसिल द्वारा तैयार मांगपत्र में अधिवक्ताओं की दीर्घकालिक सुरक्षा और पेशेवर सशक्तीकरण से जुड़े विभिन्न प्रस्ताव शामिल किए गए हैंज्ञापन में प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू करने, अधिवक्ता मृत्यु सहायता राशि में वृद्धि, बार काउंसिल के संचालन एवं कल्याणकारी योजनाओं के लिए विशेष बजट प्रावधान, लाइब्रेरी एवं अकादमी भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत करने, जिला एवं तहसील अधिवक्ता संघों में बुनियादी सुविधाओं का विकास तथा अधिवक्ताओं के लिए सामूहिक बीमा योजना लागू करने की मांग की गईइसके अलावा नियमित प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रमों के लिए वार्षिक अनुदान, वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए पेंशन योजना, नव नामांकित अधिवक्ताओं के लिए छात्रवृत्ति सहायता, अधिवक्ताओं को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा तथा टोल टैक्स में छूट प्रदान करने जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिवक्ताओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने में वकीलों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रस्तुत मांगों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। अध्यक्ष रविन्द्र कुमार पराशर ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अधिवक्ताओं के कल्याण से जुड़ी इन मांगों के पूरा होने से प्रदेश के वकीलों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलेगी तथा न्यायिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने में सहायता मिलेगी। बैठक में बार काउंसिल के उपाध्यक्ष विराट वर्मा, कोषाध्यक्ष नरेंद्र सोनी, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य शैलेन्द्र दुबे, कार्यकारी उपाध्यक्ष आलोक कुमार गुप्ता सहित परिषद के कई सदस्य उपस्थित रहे।प्रमुख मांगेंबार काउंसिल की मांगों में छत्तीसगढ़ अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू करने, मृत्यु सहायता राशि में वृद्धि,कल्याणकारी योजनाओं के लिए विशेष बजट, लाइब्रेरी व अकादमी भवन निर्माण,जिला व तहसील बार संघों में बुनियादी सुविधाएं सामूहिक बीमा योजना ,प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रम,वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए पेंशन, नवोदित अधिवक्ताओं के लिए छात्रवृत्ति सहायता ,नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा और टोल टैक्स में छूट आदि मेंगें प्रमुख रहीं ।

kamlesh Sharma

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