प्रतिबंधित सामान की आनलाइन डिलीवरी करना भी कानूनन अपराध-हाई कोर्ट
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने साफ किया है कि प्रतिबंधित सामान की आनलाइन डिलीवरी करना भी कानूनन अपराध है। कोर्ट ने कहा कि, Buy Best Cheap Replica Breitling Watches 2025: Cheap New Replica Watches.ऐसा नहीं कहा जा सकता कि डिलीवरी बाय या वेयर हाउस प्रदाता की कोई जिम्मेदारी नहीं है।
यह मामला रायपुर के मंदिर हसौद में लूट और हत्या से जुड़ा है, जिसमें फ्लिपकार्ट के जरिए डिलीवर किए गए प्रतिबंधित सामान का इस्तेमाल हुआ था। इस पर वेयर हाउस और डिलीवरी सुविधा देने वाले दो लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था* पार्सल डिलीवरी करने वाले दिनेश कुमार साहू और अभनपुर के इलास्ट्रिक रन कूरियर के संचालक Top Swiss Replica Watches: Perfect Quality Replica Rolex Watches.हरिशंकर साहू दोनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर खुद को निर्दोष बताते हुए कार्रवाई रद करने की मांग की थी*
दोनों पक्षों की दलील
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिया कि,उनके मुवक्किल केवल सेवा प्रदाता हैं* वे फ्लिपकार्ट के कर्मचारी नहीं बल्कि अनुबंधित संस्था के हिस्से हैं, जो केवल पैक बाक्स की डिलीवरी करते हैं।
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सील पैक आता है और उसमें छेड़छाड़ की अनुमति नहीं होती। साथ ही आइटी एक्ट की धारा 79 के तहत फ्लिपकार्ट को Perfect Rolex Replica Watches UK For Sale: AAA Wholesale Luxury Fake Rolex Watches.
मध्यस्थ की छूट भी प्राप्त है, वहीं, शासन की ओर से महाधिवक्ता ने कहा कि प्रतिबंधित वस्तुओं की खरीद-फरोख्त न तो कोई व्यक्ति कर सकता है और न ही बिना लाइसेंस डिलीवरी की जा सकती है। 2024 में सरकार ने ई-कामर्स प्लेटफार्म और एप उपयोगकर्ताओं को इसके लिए एडवाइजरी भी जारी की थी*
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डीबी ने सुनवाई के दौरान नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर डिलीवरी बाक्स में नारकोटिक पदार्थ, हेरोइन या चरस भेजी जा रही हो, तब भी क्या डिलीवरी करने वालों की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक मामले के तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। आइटी एक्ट की धारा 79 की आड़ में जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों को खारिज कर दिया और कहा कि,प्रतिबंधित सामान की आनलाइन डिलीवरी भी उतना ही अपराध है, जितना उसका निर्माण या बिक्री करना है।
