युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षकों को अभ्यावेदन देने का निर्देश
० कोर्ट ने स्थगन देने से इंकार किया
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षकों को तीन दिन के भीतर जिला कमेटी में अभ्यावेदन देने को कहा है। जिला कमेटी तय समय सीमा के अनुसार 5 से 7 दिन में अभ्यावेदन का निराकरण करेगी। कोर्ट ने आदेश दिया है कि सुनवाई तक संबंधित शिक्षकों पर दवाबपूर्ण कार्रवाई नहीं की जायेगी। हालांकि ये राहत सिर्फ उन शिक्षकों को मिलेगी, जिन्होंने ज्वाइन नहीं किया है। जो शिक्षक ज्वाइन कर चुके वे सिर्फ दावा आपत्ति कर सकेंगे। कोर्ट ने मामले में किसी भी प्रकार के रोक लगाने से इंकार किया है।
सरकार द्बारा शिक्षक विहिन स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना सुनिश्चित करने अतिश्ोष शिक्षकों की सूची तैयार करने के साथ शिक्षक विहिन, एकल शिक्षक व स्कूलों में दर्ज संख्या के आधार पर शिक्षकों को पदस्थ करने युक्तियुक्तकरण लागू किया है। इसके खिलाफ बड़ी संख्या में शिक्षकों ने हाईकोर्ट में अलग अलग याचिका दाखिल की है। सभी याचिकाओं में जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की एकल पीठ में बहस हुई। बहस के दौरान जहां पद रिक्त है उन पूरे स्कूलों की सूची नहीं जारे करने एवं बिना काउंसलिंग के पदस्थापना आदेश जारी करने व एकतरफा रिलीव किए जाने का मुद्दा उठाया गया। वही कुछ याचिकाकर्ताओं ने शहर के नजदीक के स्कूलों की स्थिति नहीं बताए जाने पर भी आपत्ति की। इस पर विभाग के द्बारा कोर्ट को बताया गया कि पहले ऐसे स्कूलों की सूची जारी की गई है, जहां शिक्षक या एकल शिक्षक हैं। वहां के दर्ज संख्या के आधार पर शिक्षक नियुक्त किया जाना है। इसके बाद शहर व शहर के आसपास के स्कूलों की दर्ज संख्या एवं शिक्षकों की स्थिति के बाद सूची जारी की जाएगी। सरकार का उद्देश्य दूरस्थ ग्रामीण क्ष्ोत्र में शिक्षक भ्ोजना है। लंबे बहस के बाद कोर्ट ने याचिका में किसी भी प्रकार के स्थगन देने से इंनकार करते हुए इससे प्रभावित शिक्षकों को तीन दिवस के अंदर सक्षम अधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन देने का निर्देश दिया है। इसके साथ सरकार एवं याचिकाकर्ताओं को प्रतिउत्तर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
