बिलासपुर। बैक अधिकारी बन ऑनलाइन kyc अपडेट करने का झांसा देकर खताधारक के खाता से 26 लाख से अधिक का ऑन लाइन फ्राड करने के आरोपियों को बिलासपुर पुलिस ने उड़ीसा से गिरफ्तार किया है।
प्रार्थी जॉनसंन एक्का निवासी सकरी बिलासपुर को कॉल कर अपने आप को बैंक अधिकारी बताकर खाता अपडेट कराने के बहाने अपने बातों में उलझाकर ऑनलाईन KYC करने की प्रक्रिया बताकर प्रार्थी से बैकिंग जानकारी एवं ओटीपी प्राप्त कर प्रार्थी के बैंक खाता से लोन लेकर कुल 26,74,701/- रूपये की ठगी करने की लिखित आवेदन पत्र के आधार पर थाना सकरी जिला बिलासपुर में नंबरी अपराध क्रमांक 936/2024 धारा 318(4), बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। जो कि अग्रिम विवेचना हेतु पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज बिलासपुर के आदेशानुसार प्रकरण की अग्रिम विवेचना हेतु केश डायरी थाना रेंज साइबर बिलासपुर को प्राप्त होने पर विवेचना में लिया गया है। प्रकरण की विवेचना दौरान प्रार्थी के बैंक खाता संबंधित बैंक से बैंक स्टेटमेंट तथा सायबर अपराध पोर्टल में किये रिपोर्ट का ए.टी.आर. रिपोर्ट के आधार पर खाता धारको एवं मोबाईल धारकों के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। सायबर क्राईम रिपोर्टिंग पोर्टल अद्यतन रिपोर्ट, ठगी की रकम प्राप्त करने में उपयोग किये बैंक खातों को चिन्हांकित कर बैंक खाता धारकों की जानकारी, ऑनलाईन ट्रांजेक्शन तथा घटना से संबधित तकनीकी जानकारी प्राप्त किया गया, प्राप्त जानकारी के आधार पर आरोपी उड़ीसा प्रांत के निवासी होने की जानकारी प्राप्त होने पर वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति प्राप्त कर निर्देषानुसार विशेष टीम उड़ीसा हेतु रवाना की गई, जहां नक्सल प्रभावित क्षेत्र में अपनी टीम के साथ संदेही खाता धारक कृष्णा लूहा पिता बिबाना लुहा उम्र 42 वर्ष निवासी दीपापल्ली थाना उलूंडा जिला सोनापुर उड़ीसा को थाना उलूंडा के स्टॉफ के सहयोग से आरोपी के पते पर जाकर तलाश किये जो पुलिस को देखकर भागने एवं छुपने का प्रयास किया जिसे स्थानीय पुलिस के सहयोग से घेराबंदी कर पकड़ा गया, एवं साथ मे लेकर थाना उलूडा में लाकर पूछताछ किया गया, जो आरोपी गुलेख कुम्हार पिता लाला कुम्हार उम्र 40 वर्ष निवासी दीपापल्ली थाना उलूंडा जिला सोनेपुर उड़ीसा और पंकज कुमार खैतान पिता जगदीष प्रसाद खैतान उम्र 44 वर्ष निवासी विवेकानंदपल्ली रेल्वे कॉलोनी प्लांट साईट राउलकेला जिला सुंदरगढ़ उड़ीसा के द्वारा अपने नालारोड़ राउलकेला एवं उसके अन्य साथियों के साथ मिलकर प्रार्थी को बैंक खाता में ऑनलाईन खाता अपडेट कराने के नाम पर बैंकिंग जानकारी प्राप्त प्रार्थी के बैंक खाता अलग-अलग प्रकार का लोन लेकर लोन की राशि अपने बैंक खाता में हस्तांतरित कराकर रकम की ठगी कर उपयोग करना स्वीकार करने पर अलग-अलग मेमोरण्डम कथन लिया गया। आरोपियों का कृत्य धारा 61(2), 317(5), 111(4), 323 बीएनएस का पाये जाने पर प्रकरण में धारा 61(2), 317(5), 111(4), 323 बीएनएस आरोपियों के विरूद्ध जोडी गई। आरोपीगण के विरूद्ध पर्याप्त अपराध सबुत पाये जाने पर 23.05. 2025 को विधिवत् गिरफ्तार किया गया, आरोपियों का ट्रांजिट रिमाण्ड प्राप्त बिलासपुर लाकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बिलासपुर के न्यायालय में पेश कर आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल कराया गया है।
उपरोक्त कार्यवाही में अति. पुलिस अधीक्षक (शहर) राजेन्द्र जायसवाल, अति. पुलिस अधीक्षक, अनुज गुप्ता, सीएसपी सिविल लाईन निमितेश सिंह (रा.पु.से.) के मार्गदर्शन तथा प्रभारी रेंज साइबर थाना बिलासपुर निरीक्षक राजेश मिश्रा, निरीक्षक रविशंकर तिवारी, सहायक उप निरीक्षक सुरेश पाठक, आरक्षक चिरंजीव कुमार, एवं विजेन्द्र मरकाम का विशेष योगदान रहा।

