प्रदेश में बहुचर्चित सीडी कांड के विरुद्ध लगी याचिकाओं की सुनवाई 25 सितंबर को 
रायपुर की सीबीआई कोर्ट ने भूपेश बघेल उनके राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा भाजपा नेता कैलाश मुरारका समेत दो अन्य व्यक्तियों पर इस मामले में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार पाया है भूपेश बघेल को पहले निचली अदालत ने इस मामले में बरी कर दिया था जिसे सेशन कोर्ट ने पलट दिया । भूपेश बघेल के द्वारा सेशन कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी वहीं उनके राजनीतिक सलाहकार रहे विनोद वर्मा और भाजपा के नेता कैलाश मुरारका में भी उनके खिलाफ लगाए गए चार्ज के आदेश को अलगअलग याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई प्राथमिक सुनवाई में हाई कोर्ट ने विनोद वर्मा और कैलाश मुरारका को तो कोई अंतरिम राहत नहीं दी। लेकिन भूपेश बघेल के खिलाफ प्रकरण में आगे होने वाली सुनवाई पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी थी। आज यह सुनवाई हाई कोर्ट में जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की पीठ में नियत थी परंतु शाम तक नंबर ना आने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। इस स्थिति में सीबीआई की ओर से केंद्र सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल वरिष्ठ अधिवक्ता एस वी राजू ने दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामले को विशेष रूप से सुनवाई के लिए निवेदन किया उनके साथ अधिवक्ता वैभव गोवर्धन भी थे। उन्होंने प्रारंभ में 15 सितंबर की तिथि की मांग की जिसे विनोद वर्मा की ओर से उपस्थित अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव और श्रिया गुप्ता तथा भूपेश बघेल की ओर से उपस्थित अधिवक्ता हर्ष पर्धनिया के द्वारा एक सप्ताह आगे रखने का निवेदन किया। मामले के लिए कोई नियत तिथि तय करने की आवश्यकता को देखते हुए हाई कोर्ट ने प्रकरण की सुनवाई 25 सितंबर नियत कर दी है।
