पुलिस महानिदेशक ने राजकिशोर नगर लूट कांड की पुनरावृत्ति रोकने का निर्देश दिया
00 डीजीपी ने ली अधिकारियों की बैठक
बिलासपुर। पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने राजकिशोर नगर लूट कांड को गम्भीरता से लिया है। शनिवार को रेंज के राजपत्रित अधिकारियो की बैठक लेकर घटना के सम्बंध में पूरी जानकारी ली। उन्होंने 24 घंटे के अंदर यूपी पुलिस से समन्वय स्थापित कर आरोपियों की गिरफ्तारी व समान जप्त करने की सराहना की, किंतु भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिये दिशा निर्देश जारी कर पुलिस कार्यप्रणाली, गश्त – पेट्रोलिंग, संदिग्धों की चेकिंग, होटल लॉज चेकिंग और आसूचना तंत्र की मजबूती पर विशेष ध्यान देने। साथ ही सराफा ,बैंक जैसी जगहों की रेगुलर चेकिंग की जाए, सीसीटीवी और अन्य सुरक्षा उपायों की चेकिंग पर भी ध्यान दिए जाने का निर्देश दिया।
पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज के सभागार में हुए इस बैठक में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रामगोपाल गर्ग ,नगर सेना के उप पुलिस महानिरीक्षक लक्ष्मी चंद्रा वर्मा, संयुक्त संचालक अभियोजन माखनलाल पाण्डेय, संभागीय सेनानी नगर सेना नरसिंह नेताम, एएसपी ग्रामीण श्रीमती मधुलिका सिंह, एएसपी शहर पंकज पटेल, एएसपी विशेष शाखा श्रीमती दीपमाला कश्यप, जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी दीपांकर नाथ, उप पुलिस अधीक्षक फिगरप्रिन्ट श्रीमती विद्या जौहर तथा जिले के पुलिस एवं अग्निशमन विभाग के सभी राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के प्रारंभ होने पर पुलिस महानिरीक्षक श्री गर्ग ने डीजीपी श्री गौतम का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। पुलिस महानिदेशक ने पुलिस अधिकारियों का सामान्य परिचय लेने के बाद सर्वप्रथम बिलासपुर के राजकिशोर नगर में सर्राफा व्यवसायी के साथ हुई लूट की घटना की पूरी जानकारी ली,और अपराधियों को पूरे माल मशरूका के साथ घटना के 24 घंटों के अंदर पकड़े जाने और अंतर्राज्यीय समन्वय की प्रशंसा की, साथ ही हिदायत भी दी, की ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए पुलिस कार्यप्रणाली, गश्त – पेट्रोलिंग, संदिग्धों की चेकिंग, होटल लॉज चेकिंग और आसूचना तंत्र की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही सराफा ,बैंक जैसी जगहों की रेगुलर चेकिंग की जाए, सीसीटीवी और अन्य सुरक्षा उपायों की चेकिंग पर भी ध्यान दिया जाए. पुलिस महानिदेशक श्री गौतम ने राजपत्रित अधिकारियों को थाने का पर्यवेक्षण समुचित तरीके से और पर्याप्त गुणवत्ता के साथ किए जाने की भी हिदायत दी। थाने आने वाले फरियादियों की बात समुचित तरीके से सुनी जाए ,इसके लिए थाना प्रभारी और राजपत्रित अधिकारी थानों को संवेदनशील बनायें,यह भी पुलिस महानिदेशक ने निर्देशित किया।पुलिस महानिदेशक के द्वारा मीटिंग के दौरान नाकाबंदी की व्यवस्था सुधारने और थाने में थाना प्रभारियों के द्वारा स्वयं रिपोर्ट सुनने और FIR लिखे जाने के लिए भी पर्याप्त पर्यवेक्षण हेतु सभी राजपत्रित अधिकारियों को निर्देश दिया गया।
